
नारी डेस्क: गायक चिंटू भोसले ने हाल ही में दिग्गज गायिका आशा भोसले के साथ अपने रिश्ते की एक भावुक याद साझा की। उन्होंने उस पल को याद किया जब आशा जी ने उनसे पूछा था कि वह सार्वजनिक रूप से कभी यह क्यों नहीं बताते कि वह उनके पोते हैं। ANI से बात करते हुए, चिंटू ने याद किया कि कैसे बहुत से लोगों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका उस दिवंगत संगीत हस्ती के साथ पारिवारिक संबंध है। उन्होंने यह भी बताया कि 'वह एक दिन पहले तीन घंटे का मराठी नाटक देखने गई थीं। वह स्टेज पर गईं और वहां मौजूद लोगों को डांट लगाई और कहा कि वो कला को जिंदा रखें। आखिर तक वह ऐसी ही रहीं।'

घर पर हुई ऐसी ही एक घटना को याद करते हुए, चिंटू ने बताया कि एक इंटरव्यू देखने के बाद उनकी दादी उनसे नाराज हो गई थीं। उन्होंने बताया- "लोगों को यह पता नहीं था कि मैं आशा भोसले का पोता हूं। जब लोग मेरा इंटरव्यू लेते थे तो वे पूछते थे, 'क्या आपका आशा भोसले से कोई रिश्ता है?' मैं हंसकर बात टाल देता था। उदाहरण के लिए अगर मेरा सरनेम चिंटू दीक्षित होता, तो क्या मेरा माधुरी दीक्षित से कोई रिश्ता होता? मैं बस हंसकर बात टाल देता था।" इसके बाद उन्होंने उस बातचीत के बारे में बताया जो घर पहुंचने पर उनकी दादी के साथ हुई थी। चिंटू ने बताया कि आशा भोसले ने उनसे सीधे तौर पर पूछा कि क्या उन्हें उनके पोते के रूप में पहचाने जाने से डर लगता है।

चिंटू ने याद करते हुए कहा- "एक दिन, मैं घर गया और अपनी दादी से मिला। वह बहुत गुस्से में थीं। मैंने पूछा- क्या हुआ? मुझे बताओ, तुम मुझसे नाराज़ क्यों हो?' उन्होंने कहा क्या तुम्हें डर लगता है? क्या तुम्हें शर्म आती है कि मैं तुम्हारी दादी हूं?' मैंने कहा- नहीं, मुझे बहुत गर्व है। चिंटू ने यह भी बताया कि आशा जी के निधन से कुछ ही दिन पहले उनकी उनसे मुलाक़ात हुई थी और वे आपस में बहुत बातें किया करते थे। उन्होंने कहा- "हम लगभग 2-3 दिन पहले ही मिले थे। हम आपस में बहुत बातें किया करते थे। उन्हें कोई दर्द नहीं हुआ और वह नींद में ही दुनिया को अलविदा कह गईं "। भारत की सबसे प्यारी आवाज़ों में से एक, आशा भोसले का 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण निधन हो गया। इस हफ़्ते सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।