नारी डेस्क: बॉडी टैपिंग (लिम्फैटिक टैपिंग) खासकर ब्रेस्ट एरिया के लिए, 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं के लिए एक हल्की, सुरक्षित और 2–5 मिनट की रोज़ाना की जाने वाली प्रैक्टिस मानी जाती है। इसका उद्देश्य शरीर के लिम्फैटिक सिस्टम को सक्रिय करना, टिश्यू में जमा जकड़न/सूजन को कम करना और हार्मोनल बैलेंस को सपोर्ट करना है।

बॉडी टैपिंग क्या है?
बॉडी टैपिंग में उंगलियों से हल्की-हल्की थपथपाहट की जाती है। यह कोई मसाज नहीं है, दबाव बहुत हल्का रखा जाता है। ब्रेस्ट एरिया के आसपास टैपिंग करने से वहां मौजूद लिम्फ नोड्स को सिग्नल मिलता है, जिससे तरल पदार्थ का प्रवाह बेहतर हो सकता है।
महिलाओं (30+) के लिए इसके फायदे
लिम्फैटिक ड्रेनेज में मदद: ब्रेस्ट एरिया में जमा अतिरिक्त फ्लूइड और टॉक्सिन्स के निकलने में सहायता मिल सकती है, जिससे भारीपन या जकड़न कम महसूस होती है।
टिश्यू कंजेशन कम करने में सहायक: PMS, हार्मोनल बदलाव या उम्र के साथ होने वाली सेंसिटिविटी में सूजन और असहजता घट सकती है।
हार्मोनल बैलेंस को सपोर्ट: नियमित हल्की टैपिंग से शरीर को रिलैक्सेशन सिग्नल मिलता है, जो स्ट्रेस हार्मोन को शांत करने में मदद कर सकता हैयह अप्रत्यक्ष रूप से हार्मोनल संतुलन को सपोर्ट करता है।
सर्कुलेशन बेहतर करने में मदद: ब्लड और लिम्फ फ्लो बेहतर होने से त्वचा और टिश्यू की हेल्थ को सपोर्ट मिलता है।
माइंड–बॉडी कनेक्शन मजबूत: रोज़ के 2–5 मिनट का यह रिचुअल सेल्फ-केयर की भावना बढ़ाता है, जिससे मानसिक शांति भी मिलती है।

कैसे करें ब्रेस्ट एरिया बॉडी टैपिंग?
दिन में 1 बार, 2–5 मिनट के लिए करें, सबसे अच्छा समय नहाने के बाद या सोने से पहले का है। इसके लिए आराम से खड़े या बैठे रहें। उंगलियों के पल्प से कॉलरबोन के नीचे, बगल (अंडरआर्म) और ब्रेस्ट के चारों ओर (सीधे निप्पल पर नहीं) हल्की टैपिंग करें। दबाव बहुत हल्का रखें दर्द नहीं होना चाहिए। टैपिंग की दिशा बाहर से बगल की ओर रखें, ताकि लिम्फ फ्लो को सपोर्ट मिले। गहरी सांस लेते रहें।
ज़रूरी सावधानियां
अगर ब्रेस्ट में दर्द, गांठ, इंफेक्शन या हाल की सर्जरी हुई हो, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें। टैपिंग को मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प न मानें।कोई असहजता हो तो तुरंत रोक दें। बॉडी टैपिंग एक सरल, कोमल और समय बचाने वाला सेल्फ-केयर अभ्यास है। 30 के बाद महिलाओं के लिए यह लिम्फैटिक हेल्थ, आराम और हार्मोनल सपोर्ट में मददगार हो सकता है—बस इसे नियमित, सही तरीके और सावधानी के साथ करें।