नारी डेस्क: अक्सर लोग सोचते हैं कि एड़ी में दर्द सिर्फ चोट लगने, ज्यादा चलने या गलत जूते पहनने की वजह से होता है। लेकिन कई बार बिना किसी चोट के भी एड़ी में लगातार दर्द महसूस होता है। ऐसी स्थिति में यह दर्द शरीर में विटामिन, खनिज या पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, पैरों में दिखाई देने वाले कई बदलाव गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षण भी हो सकते हैं।
विटामिन D की कमी से एड़ी में दर्द
विटामिन D शरीर में कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है। जब शरीर में विटामिन D की कमी हो जाती है, तो कैल्शियम हड्डियों तक नहीं पहुंच पाता। इससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और एड़ी, घुटनों व कमर में दर्द महसूस होता है। लंबे समय तक इसकी कमी रहने पर हड्डियों के टूटने का खतरा भी बढ़ सकता है।

कैल्शियम की कमी से एड़ी में दर्द
कैल्शियम हड्डियों की मजबूती और संरचना के लिए बेहद जरूरी होता है। अगर शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाए, तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और एड़ी में चलने या खड़े होने पर दर्द महसूस होता है। महिलाओं, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में कैल्शियम की कमी के कारण यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।
मैग्नीशियम की कमी से एड़ी में दर्द
मैग्नीशियम मांसपेशियों और नसों को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर मांसपेशियों में खिंचाव, अकड़न और ऐंठन होने लगती है। इसका असर पैरों और एड़ी पर भी पड़ता है, जिससे एड़ी में दर्द बढ़ सकता है, खासकर सुबह उठते समय या ज्यादा देर चलने के बाद।
पैरों पर दिखने वाले लक्षण और उनसे जुड़ी बीमारियां
पैरों में सूजन दिखना
अगर आपके पैर बार-बार सूज जाते हैं, तो यह किडनी या लिवर की बीमारी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा दिल से जुड़ी समस्याएं, थायराइड का असंतुलन या ज्यादा नमक खाने की आदत भी पैरों में सूजन का कारण बन सकती है। लंबे समय तक सूजन बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है।
पैरों पर हरी-नीली नसें नजर आना
पैरों पर उभरी हुई हरी या नीली नसें दिखना खराब ब्लड सर्कुलेशन का संकेत हो सकता है। यह समस्या मोटापा, लंबे समय तक खड़े रहने, या विटामिन K और विटामिन D की कमी के कारण हो सकती है। इसे वैरिकोज वेन्स की समस्या भी माना जाता है, जिसमें नसों में सूजन आ जाती है।

पैर के अंगूठे में दर्द होना
अगर पैर के अंगूठे में अचानक या बार-बार दर्द होता है, तो यह हाई यूरिक एसिड का संकेत हो सकता है। हाई यूरिक एसिड से जोड़ों में सूजन, गठिया और किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। समय पर इलाज न होने पर दर्द बढ़ सकता है और चलना भी मुश्किल हो सकता है।
एड़ियों का फटना
अगर एड़ियां बहुत ज्यादा फटती हैं और दर्द करने लगती हैं, तो यह विटामिन B3, विटामिन C और विटामिन E की कमी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा डायबिटीज, हाइपोथायराइडिज्म और बहुत ज्यादा ड्राई स्किन के कारण भी एड़ियां फट सकती हैं। सर्दियों में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है।
पैरों में बार-बार अकड़न या ऐंठन होना
अगर पैरों में बार-बार ऐंठन या अकड़न होती है, तो यह पोटैशियम, कैल्शियम और मैंगनीज की कमी के कारण हो सकता है। इसके अलावा विटामिन D की कमी और शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी इसका बड़ा कारण है। यह समस्या रात के समय ज्यादा महसूस होती है।
हर समय पैर ठंडे रहना
अगर मौसम सामान्य होने पर भी पैर ठंडे रहते हैं, तो यह हाइपोथायराइडिज्म का संकेत हो सकता है। इसके अलावा आयरन की कमी, दिल की बीमारी और डायबिटिक न्यूरोपैथी जैसी समस्याओं में भी पैरों में ठंडापन महसूस होता है। लंबे समय तक यह समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से जांच जरूरी होती है।

जरूरी सलाह
अगर एड़ी में दर्द या पैरों से जुड़ा कोई भी लक्षण लंबे समय तक बना रहता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। संतुलित आहार लें, धूप में समय बिताएं, पर्याप्त पानी पिएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराएं। समय रहते सही इलाज करने से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।