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क्या पीने के पानी से दिमाग तक पहुंच सकता है ब्रेन ईटिंग अमीबा?

  • Edited By Monika,
  • Updated: 18 Sep, 2025 04:28 PM
क्या पीने के पानी से दिमाग तक पहुंच सकता है ब्रेन ईटिंग अमीबा?

नारी डेस्क : ब्रेन ईटिंग अमीबा एक खतरनाक जीव है, जो संक्रमित पानी से नाक के रास्ते दिमाग तक पहुंच जाता है और गंभीर संक्रमण कर सकता है। यह अमीबा ज्यादातर स्विमिंग, डाइविंग या नहाने के दौरान नाक में चला जाता है। हालांकि, पीने के पानी से इससे संक्रमित होने का खतरा नहीं होता है।

ब्रेन ईटिंग अमीबा क्या है?

ब्रेन ईटिंग अमीबा, जिसका वैज्ञानिक नाम नाइग्लोरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri) है, एक खतरनाक प्रकार का अमीबा है जो मानव मस्तिष्क को संक्रमित कर सकता है। यह अमीबा मुख्यत गंदे, गर्म और स्थिर पानी में पाया जाता है, जैसे कि तालाब, जलाशय और स्विमिंग पूल। जब यह अमीबा दिमाग में पहुंचता है, तो यह मस्तिष्क की कोशिकाओं को नष्ट कर देता है, जिससे गंभीर संक्रमण होता है और यह संक्रमण जानलेवा भी साबित हो सकता है।

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क्या पीने के पानी से ब्रेन ईटिंग अमीबा दिमाग तक पहुंच सकता है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह अमीबा केवल नाक के रास्ते ही शरीर में प्रवेश कर सकता है। यदि दूषित पानी गलती से पी भी लिया जाए, तो अमीबा पेट के एसिड की वजह से नष्ट हो जाता है और दिमाग तक नहीं पहुंच पाता। इसलिए, साफ और फिल्टर्ड पीने के पानी से इस अमीबा से संक्रमित होने का कोई खतरा नहीं होता।

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किन परिस्थितियों में खतरा रहता है?

जब स्विमिंग, डाइविंग या नहाने के दौरान दूषित पानी सीधे नाक में चला जाता है, तो यह अमीबा दिमाग तक पहुंच सकता है। खासकर गर्म मौसम में, जब तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर होता है, तब यह अमीबा तेजी से बढ़ता है। ऐसे में तालाब, झील, जलाशय और बिना साफ-सफाई वाली पानी की टंकियों में नहाना जोखिम भरा साबित हो सकता है।

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संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

जब दूषित पानी से अमीबा दिमाग तक पहुंच जाता है, तो शुरुआत में सिरदर्द, बुखार, मतली, उल्टी और गर्दन में अकड़न जैसे लक्षण प्रकट होते हैं। यह संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है और यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।

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बचाव के आसान तरीके

स्विमिंग या डाइविंग करते समय नाक को क्लिप से बंद रखें या नाक में पानी जाने से बचाव करें। तालाब, झील, जलाशय या बिना साफ-सफाई वाली पानी की टंकियों में नहाने से परहेज करें। पीने के पानी को हमेशा फिल्टर करें या उबालकर इस्तेमाल करें। नेजल क्लीनिंग (नाक साफ करने) के लिए केवल डिस्टिल्ड या उबला हुआ ठंडा पानी ही प्रयोग करें, न कि सीधे नल का पानी। घर की पानी की टंकी और नल-निगम की सफाई नियमित रूप से कराते रहें। साथ ही, छोटे बच्चों को ऐसे स्थानों पर खेलने या नहाने से रोकें जहां पानी साफ न हो।

ब्रेन ईटिंग अमीबा से संक्रमण दुर्लभ लेकिन खतरनाक होता है। इससे बचने के लिए नाक में दूषित पानी न जाने दें और स्वच्छ पानी का उपयोग करें। अगर नहाने या स्विमिंग के बाद किसी को संक्रमण के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
 

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