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दिल कितनी बार हार्ट अटैक झेल सकता है, कब मुश्किल हो जाता है जान बचाना

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 17 Jun, 2026 10:43 AM
दिल कितनी बार हार्ट अटैक झेल सकता है, कब मुश्किल हो जाता है जान बचाना

नारी डेस्क:  हार्ट अटैक आज के समय में तेजी से बढ़ती एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। यह अक्सर बिना किसी बड़े संकेत के अचानक आ सकता है, जिससे मरीज और परिवार दोनों के लिए स्थिति बेहद डरावनी हो जाती है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि क्या एक व्यक्ति एक से ज्यादा हार्ट अटैक झेल सकता है, और किन हालात में जान बचाना मुश्किल हो जाता है।

हार्ट अटैक कब आता है

हार्ट अटैक तब आता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है। यह रुकावट आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल, फैट और अन्य जमाव के कारण बनती है। जब ब्लड फ्लो रुकता है तो दिल की मांसपेशियों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और धीरे-धीरे उनका नुकसान शुरू हो जाता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो दिल का एक हिस्सा स्थायी रूप से कमजोर हो सकता है।

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क्या एक व्यक्ति कई बार हार्ट अटैक झेल सकता है

डॉक्टरों के अनुसार इसका कोई निश्चित आंकड़ा नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि पहला हार्ट अटैक कितना गंभीर था और इलाज कितनी जल्दी मिला। कुछ लोग एक से अधिक बार हार्ट अटैक के बाद भी सामान्य जीवन जीते हैं, लेकिन बार-बार अटैक दिल की मांसपेशियों को कमजोर कर देता है और जोखिम लगातार बढ़ता जाता है।

दोबारा हार्ट अटैक का खतरा कब बढ़ता है

अगर मरीज पहले हार्ट अटैक के बाद अपनी जीवनशैली में बदलाव नहीं करता, तो खतरा काफी बढ़ जाता है। धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी दोबारा हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक पहला हार्ट अटैक अक्सर एक चेतावनी होता है।

हार्ट अटैक के सामान्य लक्षण

हार्ट अटैक के संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। इसके सामान्य लक्षण हैं

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छाती में दर्द या भारीपन

बाएं हाथ, गर्दन या जबड़े में दर्द

सांस फूलना

ठंडा पसीना आना

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अचानक कमजोरी या चक्कर आना

कई मामलों में महिलाओं और बुजुर्गों में लक्षण थोड़े अलग भी हो सकते हैं।

कब हो जाता है जान बचाना मुश्किल

स्थिति तब सबसे गंभीर हो जाती है जब हार्ट अटैक के बाद दिल का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो जाए या मरीज को तुरंत इलाज न मिले। अगर दिल की धड़कन रुक जाए (कार्डियक अरेस्ट), तो हर मिनट की देरी जानलेवा साबित हो सकती है। शुरुआती कुछ घंटे बेहद अहम होते हैं, क्योंकि इसी समय इलाज से दिल को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।

हार्ट अटैक से कैसे बचाव करें

हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए  नियमित एक्सरसाइज करें, संतुलित आहार लें, धूम्रपान और शराब से दूर रहें, वजन नियंत्रित रखें, ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं।  

 
 

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