
नारी डेस्क: उच्च शिक्षा इकोसिस्टम को मजबूत करने और महिलाओं के नेतृत्व वाली उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कई प्रस्तावों की घोषणा की। वित्त मंत्री सीतारमण ने 'शी मार्ट्स' - स्वयं सहायता उद्यमी मार्ट्स की स्थापना की भी घोषणा की जो समुदाय के स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट के रूप में काम करेंगे। इसके अलावा MSME क्षेत्र में महिलाओं के लिए 10,000 करोड़ रूपए का SME ग्रोथ फंड घोषित किया गया है, जो महिलाओं के लिए इक्विटी सपोर्ट प्रदान करेगा।
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महिला उद्यमियों का बेहतर भविष्य बनाने पर जोर
FM ने कहा- "लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता के आधार पर, सरकार महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से उद्यम मालिकों बनने में मदद करने की योजना बना रही है। स्वयं सहायता उद्यमी मार्ट्स को क्लस्टर-स्तरीय संघों के भीतर समुदाय के स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिसे उन्नत और नवीन वित्तपोषण के माध्यम से समर्थित किया जाएगा, जिससे महिलाएं सक्षम होंगी उद्यमिता में अगला कदम उठाएं" । शी मार्ट्स पहल का लक्ष्य महिला उद्यमियों को बेहतर बाज़ार पहुंच, ब्रांडिंग के अवसर और स्थायी आय के रास्ते प्रदान करना है, साथ ही स्वयं सहायता समूहों जैसे जमीनी स्तर के संस्थानों को मज़बूत करना है।
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क्या है लखपति दीदी योजना
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे लखपति दीदी कार्यक्रम का मकसद सेल्फ-हेल्प ग्रुप की महिलाओं को छोटे बिज़नेस शुरू करने और सालाना कम से कम ₹1 लाख की रेगुलर इनकम कमाने में मदद करके उन्हें सपोर्ट करना है। इसका लक्ष्य उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस कार्यक्रम के तहत महिलाओं को प्लंबिंग, LED बल्ब बनाने और ड्रोन इस्तेमाल करने और रिपेयर करने जैसे स्किल्स सिखाए जाते हैं।