नारी डेस्क : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, कमजोरी या शरीर में सुस्ती महसूस होना आम बात मानी जाती है। ज्यादातर लोग इसे तनाव, नींद की कमी या ज्यादा काम का नतीजा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार ये सामान्य दिखने वाले लक्षण शरीर में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी का संकेत भी हो सकते हैं। ऐसी ही एक समस्या है विटामिन D की कमी, जो शुरुआती दौर में अक्सर बिना साफ लक्षणों के सामने आती है। आइए जानते हैं कि विटामिन D की कमी के कौन-कौन से शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
लगातार थकान और सुस्ती महसूस होना
अगर पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिनभर शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होती है और हर समय थकान बनी रहती है, तो यह विटामिन D की कमी का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक बनी रहने वाली थकान को केवल व्यस्त जीवनशैली का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

मांसपेशियों में कमजोरी और भारीपन
विटामिन D मांसपेशियों के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी होता है। इसकी कमी होने पर जांघों, कमर और पैरों में भारीपन या कमजोरी महसूस हो सकती है। कई लोग इसे बढ़ती उम्र या व्यायाम की कमी से जोड़ते हैं, जबकि असल वजह पोषण की कमी भी हो सकती है।
शरीर और हड्डियों में दर्द
अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के शरीर में दर्द, अकड़न या हड्डियों में हल्का-हल्का दर्द बना रहता है, तो यह विटामिन D की कमी का संकेत हो सकता है। दरअसल, विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और जोड़ों में दर्द बढ़ सकता है।
बाल झड़ना और मूड में बदलाव
कुछ लोगों में विटामिन D की कमी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिखाई देता है। चिड़चिड़ापन, मन उदास रहना, उत्साह की कमी और जरूरत से ज्यादा बाल झड़ना ऐसे संकेत हैं, जिन्हें अक्सर तनाव का परिणाम मान लिया जाता है। हालांकि कई बार इसके पीछे विटामिन D की कमी भी जिम्मेदार हो सकती है।

बार-बार बीमार पड़ना
अगर आपको अक्सर सर्दी-जुकाम या अन्य संक्रमण हो जाते हैं और ठीक होने में सामान्य से ज्यादा समय लगता है, तो यह कमजोर इम्यून सिस्टम का संकेत हो सकता है। विटामिन D शरीर की रोग प्रतिरोधक (Resistor) क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
किन लोगों को होता है ज्यादा खतरा?
जो लोग ज्यादातर समय घर या ऑफिस के अंदर बिताते हैं और धूप के संपर्क में कम आते हैं, उनमें विटामिन D की कमी का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मेनोपॉज के बाद की महिलाएं और प्रदूषित क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी इस कमी के प्रति ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं।
विटामिन D की कमी से कैसे बचें?
रोजाना 15 से 20 मिनट धूप में समय बिताएं।
विटामिन D से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे अंडा, फैटी फिश, मशरूम और फोर्टिफाइड दूध का सेवन करें।
डॉक्टर की सलाह पर विटामिन D सप्लीमेंट लें।
नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहें।

अगर ये लक्षण कई हफ्तों तक बने रहें, तो डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिन D की जांच जरूर करानी चाहिए। समय रहते कमी की पहचान और इलाज से कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।