14 AUGFRIDAY2026 2:47:20 AM
Life Style

6 महीने में 3 बार खराब हुई Oris Watch, अब ब्याज के साथ वापिस करने होंगे 1.26 लाख!

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 13 Aug, 2026 06:52 PM
6 महीने में 3 बार खराब हुई Oris Watch, अब ब्याज के साथ वापिस करने होंगे 1.26 लाख!

नारी डेस्क: इंसान इस उम्मीद से लग्जरी चीजों को खरीदता है कि वह जल्द धोखा नहीं देती, वहीं कई ब्रांड ग्राहकों को यही उम्मीद देते हैं कि उनकी लगजरी आइट्म्स लंबी चलेंगी। ऐसी ही बातों में आकर एक ग्राहक ने 'एथोस समिट स्टोर' से 1,26,800 रुपये की कीमत से लग्जरी 'ओरिस बिग क्राउन' घड़ी खरीदी थी, जिसके साथ एक  वारंटी कार्ड दिया गया था जिसमें दो साल तक बिना किसी खराबी के चलने और अच्छी मरम्मत सेवा की गारंटी भी दी गई थी लेकिन असल में ऐसा हुआ नहीं, घड़ी ज्यादा साथ नहीं दे पाई और अब इस खराब घड़ी को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया गया है। 

ग्राहक काे पैसे वापस करने का निर्देश

जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ के ज़िला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित इलांटे मॉल के 'एथोस समिट स्टोर' और 'ओरिस वॉचेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' को शहर के एक निवासी को 1,26,800 रुपये और उस पर 9% सालाना ब्याज वापस करने का निर्देश दिया है। यह आदेश तब दिया गया जब खरीदी गई घड़ी में जल्द ही कोई खराबी आ गई। आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि वे शिकायतकर्ता को मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के साथ-साथ कानूनी कार्यवाही के खर्च के तौर पर 10,000 रुपये का मुआवज़ा दें।
PunjabKesari


तीन बार खराब हुई घड़ी

आयोग को दी शिकायत में, चंडीगढ़ के सेक्टर 36-C के रहने वाले शिकायतकर्ता हितेश अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने 30 दिसंबर, 2023 को चंडीगढ़ के इलांटे मॉल में मौजूद अधिकृत रीसेलर, 'एथोस समिट स्टोर' से 1,26,800 रुपये में एक लग्ज़री 'ओरिस बिग क्राउन' घड़ी खरीदी थी। कुछ ही दिन बाद घड़ी खराब हो गई।  भरोसा दिलाए जाने के बावजूद, तीन महीने के भीतर ही उसमें फिर से खराबी आ गई, जिसके कारण 19 सितंबर, 2024 को उसे दूसरी बार मरम्मत के लिए देना पड़ा। दूसरी बार मरम्मत के दो महीने के भीतर ही घड़ी फिर से खराब हो गई, जिससे शिकायतकर्ता को मानसिक परेशानी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।


मुआवज़े के तौर पर 10,000 देने का भी आदेश

चंडीगढ़ के एक कंज्यूमर फोरम ने पाया कि वारंटी पीरियड के दौरान तीन बार रिपेयर होने के बावजूद एक लग्ज़री घड़ी में खराबी बनी रही। इसके बाद फोरम ने कंपनी 'ओरिस वॉचेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' और अधिकृत विक्रेता को शिकायतकर्ता को 1.26 लाख रुपये वापस करने और मुआवज़े के तौर पर 10,000 रुपये देने का आदेश दिया। फोरम ने कहा कि किसी ग्राहक से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह बार-बार खराब होने वाले लग्ज़री प्रोडक्ट की मरम्मत को स्वीकार करता रहे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बार- बार घड़ी खराब होने के बाद जब जवाबदेही की मांग की, तो स्टोर कोई पक्का जवाब या मुआवज़े वाली सर्विस देने में नाकाम रहा।  वॉच कंपनी को उचित तरीके से नोटिस भेजा गया था लेकिन वह कमीशन के सामने पेश नहीं हुई तो 8 दिसंबर, 2025 को उसके खिलाफ एकतरफा (ex parte) कार्रवाई की गई।
 

Related News