नारी डेस्क : अच्छी Gut Health का असर सिर्फ पाचन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह आपकी ओवरऑल हेल्थ से भी जुड़ी होती है। रोजमर्रा की कुछ आदतें ऐसी हैं, जिन्हें हम सामान्य समझकर दोहराते रहते हैं, लेकिन लंबे समय में ये पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती हैं। डॉक्टर के अनुसार ऐसी ही कुछ आदतों को लेकर लोगों को सावधान किया है।
फोन चलाते हुए खाना
खाना खाते समय लगातार फोन, टीवी या किसी दूसरी स्क्रीन पर ध्यान देने से आप अपने भोजन पर कम ध्यान दे सकते हैं। इससे धीरे-धीरे और जरूरत से ज्यादा खाने की आदत बन सकती है। इसलिए कोशिश करें कि भोजन के समय स्क्रीन से दूरी बनाकर धीरे-धीरे और ध्यान से खाना खाएं।

बिना सोचे-समझे इंटरमिटेंट फास्टिंग
इंटरमिटेंट फास्टिंग हर व्यक्ति के लिए जरूरी या उपयुक्त नहीं होती। लंबे समय तक खाना न खाने या बिना सही प्लान के मील स्किप करने से कुछ लोगों को कमजोरी, एसिडिटी या दूसरे पाचन संबंधी लक्षण महसूस हो सकते हैं। अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करना चाहते हैं, तो अपनी सेहत और जरूरत के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।
हर खाने के बाद मीठा खाने की आदत
भोजन के बाद रोजाना मिठाई, चॉकलेट या मीठी चीज खाने की आदत आपके कुल शुगर इनटेक को बढ़ा सकती है। ज्यादा अतिरिक्त चीनी का सेवन ओवरऑल हेल्थ के लिए अच्छा नहीं माना जाता। इसलिए हर भोजन के बाद मीठा खाने की आदत को रोजाना की दिनचर्या न बनाएं।

रात में एक साथ बहुत सारा पानी पीना
शरीर को पर्याप्त पानी मिलना जरूरी है, लेकिन पूरे दिन कम पानी पीकर रात में एक साथ बहुत अधिक पानी पीना सही तरीका नहीं है। इससे रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ सकता है और नींद भी प्रभावित हो सकती है। बेहतर है कि पूरे दिन नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
टॉयलेट की इच्छा को बार-बार रोकना
शौच की इच्छा को बार-बार नजरअंदाज करना अच्छी आदत नहीं है। इससे मल त्याग की नियमितता प्रभावित हो सकती है और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है। जब शरीर संकेत दे, तो उसे अनावश्यक रूप से रोकने की आदत से बचें।

सोने से ठीक पहले खाना
सोने से ठीक पहले भारी भोजन करने से कुछ लोगों को अपच, एसिडिटी या सीने में जलन जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए रात का खाना सोने से कुछ घंटे पहले खत्म करना बेहतर माना जाता है, खासकर अगर आपको एसिड रिफ्लक्स की शिकायत रहती है।
Gut Health को बेहतर रखने के लिए क्या करें?
भोजन में फाइबर से भरपूर फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
पर्याप्त पानी पिएं।
भोजन को धीरे-धीरे और ध्यान से खाएं।
रोजाना शारीरिक गतिविधि करें।
पर्याप्त नींद लें।
कब्ज, लगातार पेट दर्द, खून आने या लंबे समय तक पाचन संबंधी परेशानी को नजरअंदाज न करें।
नोट: अगर आपको लगातार गैस, कब्ज, दस्त, पेट दर्द या एसिडिटी जैसी समस्या रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।