
नारी डेस्क: किसी को भी डांट सुनना पसंद नहीं होता, लेकिन हाई सेंसिटिव लोगों पर गुस्सा कहीं ज़्यादा असर डालता है । ऐसे में वह लोग अपने आस-पास के लोगों पर गुस्सा करने में देर नहीं करते। साइंस जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित एक अध्ययन बताता है कि किसी एक गुस्सैल इंसान का साथ आपको 1.5 फीसदी की दर से तेजी से बुढ़ापे की ओर धकेल रहा है। यानी कि आपके दोस्त और पार्टनर का गुस्से वाला व्यवहार आपको जल्दी बूढ़ा बना सकता है।

पति-पत्नी के झगड़ों का नहीं होता असर
अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों के थूक के नमूनों से डीएनए मेथिलेशन का विश्लेषण किया गया जिससे इंसान की जैविक उम्र का पता चलता है। ड्यूनेडिनपेस और ग्रिमएज-2 जैसी अत्याधुनिक एपिजेनेटिक क्लॉक का उपयोग करके जांचा गया कि किसी व्यक्ति की शारीरिक या जैविक उम्र उसकी वास्तविक उम्र से कितनी आगे निकल चुकी है। अध्ययन में पाया गया कि पति-पत्नी के आपसी झगड़े चाहे कितने भी क्यों न हों, उनसे सेहत पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता। बच्चों, माता-पिता, भाई-बहनों के साथ नकारात्मक रिश्तों के बजाय दोस्तों, सहकर्मियों, पड़ोसियों, आदि के साथ ऐसे तनावपूर्ण रिश्ते ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। वैज्ञानिकों ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए लोगों के सामाजिक दायरे का बारीकी से अध्ययन किया।
गुस्सैल लोगों से निपटने के तरीके
झगड़े से पूरी तरह बचना कोई प्रैक्टिकल तरीका नहीं है। आपको गुस्सैल व्यक्ति के सामने रहने की ज़रूरत नहीं है। स्थिति चाहे जो भी हो, आप बातचीत को टालने, वहां से चले जाने या वहीं रुककर मामले को सुलझाने का विकल्प चुन सकते हैं। हर चीज़ को ठीक करना हमेशा आपकी ज़िम्मेदारी नहीं होती। खुद से पूछें कि क्या आप अभी इस बारे में कुछ कर सकते हैं? आपसे क्या उम्मीद की जा रही है? यह जानने और उम्मीदों को समझने से आपका ध्यान सही दिशा में लग सकता है। सभी समस्याओं का सीधे सामना करना सबसे अच्छा समाधान नहीं हो सकता है। कभी-कभी, ऐसी बातचीत से बचना सबसे अच्छा होता है जिससे गुस्सा आने की संभावना हो।

खुद का बचाव करें
एक बहुत संवेदनशील व्यक्ति के तौर पर, आप किसी व्यक्ति के गुस्से पर चाहे जैसी भी प्रतिक्रिया दें, यह पक्का करें कि ऐसी तेज़ भावनाओं का सामना करते समय आप अपनी भावनात्मक सेहत का ध्यान रखें। आप जानते हैं कि आपको क्या चाहिए और आपके लिए क्या सबसे अच्छा है। अगर इसका मतलब किसी मुश्किल बातचीत को टालना या कमरे से बाहर निकल जाना है, तो आपको वही करना चाहिए। HSP (बहुत ज़्यादा संवेदनशील व्यक्ति) के लिए सबसे अच्छी स्किल्स में से एक है यह पहचानना कि किसी का गुस्सा कब बढ़ रहा है और उसे कैसे कम किया जाए। 'क्राइसिस एंड ट्रॉमा रिसोर्स इंस्टीट्यूट' एक उदाहरण देता है: व्यक्ति के गुस्से को 'गुस्से के पहाड़' (Anger Mountain) के तौर पर देखें, जो गुस्से के बढ़ने के रास्ते को एक आसान तस्वीर के रूप में दिखाता है।