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प्रिया शर्मा बनीं देश की 7वीं महिला फाइटर पायलट, देेश का नाम किया रोशन

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 26 Feb, 2019 10:52 AM
प्रिया शर्मा बनीं देश की 7वीं महिला फाइटर पायलट, देेश का नाम किया रोशन

महिलाएं आज हर क्षेत्र में पुरूषों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, चाहे बात शिक्षा की हो, या सेना हो या फिर पुलिस, आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों को पीछे छोड़ रही हैं। अब यह बात बहुत पुरानी हो गई है कि ये काम सिर्फ लड़के ही कर सकते हैं या ये काम लड़कियों के बस का नहीं। इस बात की मिसाल दी है राजस्थान में जन्मी प्रिया शर्मा ने। उन्होंने हाल ही में देश की 7वीं महिला फाइटर पायलट बन कर ना सिर्फ राजस्थान का बल्कि पुरे देश का नाम रोशन किया है। 

 

लोगों की सोच को बदलने वाली मिसाल

हाल ही में आर्मी चीफ के द्वारा ये बयान दिया गया था कि महिलाओं के पास अपने बच्चे बड़े करने के जिम्मेदारी पहले हैं और साथी जवानों को ताक-झाक के आरोप से बचाने के लिए महिलाओं को लड़ने के लिए नहीं भेजना चाहिए। इस बयान की ट्विटर पर जमकर आलोचना भी हुई थी लेकिन राजस्थान की प्रिया शर्मा ने भारत का नाम रोशन कर रिकॉर्ड बनाया है। प्रिया शर्मा भारतीय वायु सेना एकैडमी से पास होने के साथ राजस्थान की तीसरी महिला फाइटर पायलट बन गई हैं।

 

7वीं महिला फाइटर पायलट

प्रिया शर्मा भारत की सातवीं महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। राजस्थान से वह तीसरी महिला फाइटर पायलट बनीं हैं। प्रिया शर्मा हैदराबाद की एयर फोर्स अकेडमी से बतौर फ्लाइंग ऑफिसर ग्रैजुएट हुईं। कोटा के IIT से पढ़ाई की और 2017 में अपनी ट्रेनिंग के लिए डुंडीगल और हकीमपेट गईं।

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बचपने से पायलट बनने का था सपना

प्रिया ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह बचपन में आकाश में जगुआर और हॉक विमानों को उड़ान भरते देख पायलट बनने के लिए प्रेरित हुई थीं।

 

कड़ी मेहनत से दूर की मुश्किलें

प्रिया का कहना है कि ट्रेनिंग के दौरान खुद को अलग-अलग कॉकपिट के अनुरूप ढालना और विमान बदलना शुरू में थोड़ा मुश्किल था लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत के दम पर अपनी उड़ान में शानदार प्रदर्शन दिखाया।

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प्रेरणा भरा मैसेज

प्रिया कहती है कि कोशिश हमेशा करती रहनी चाहिए। कोई भी काम महिला या पुरुष के लिए नहीं होता। यह हम पर है कि हम क्या चुनते हैं। कड़ी मेहनत के दम पर चाहे तो कोई भी मुकाम हासिल कर सकते हैं इसलिए जरूरी है कि हार कभी ना मानी जाएं।

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