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14 साल से कम उम्र के लिए Social Media बैन! इस देश में बन रहा सख्त कानून

  • Edited By Monika,
  • Updated: 31 Mar, 2026 11:28 AM
14 साल से कम उम्र के लिए Social Media बैन! इस देश में बन रहा सख्त कानून

नारी डेस्क : आज के समय में बच्चों को धीरे-धीरे सोशल मीडिया और मोबाइल की आदत लगती जा रही है, जो उनकी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो रही है। कई बच्चे खाना खाते समय, सोने से पहले और सुबह उठते ही फोन का इस्तेमाल करने लगते हैं। दिनभर स्क्रीन पर रहने की यह आदत उनके मानसिक विकास और दिमाग की ग्रोथ पर भी बुरा असर डाल रही है। इसी चिंता को देखते हुए यूरोप का देश ऑस्ट्रिया अब बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रहा है। सरकार 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने की योजना बना रही है, ताकि उन्हें डिजिटल दुनिया के नकारात्मक प्रभाव से बचाया जा सके।

क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?

सरकार का मानना है कि आज के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे एल्गोरिद्म पर काम करते हैं जो बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन से जोड़े रखते हैं। इससे धीरे-धीरे लत लगने लगती है, जो उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा, कई बार बच्चों के सामने उनकी उम्र के हिसाब से अनुचित और संवेदनशील कंटेंट भी आ जाता है, जो उनके विकास पर गलत असर डाल सकता है।

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कब लागू होगा नियम?

इस प्रस्ताव को लेकर सरकार के सहयोगी दल सहमत हो चुके हैं, लेकिन अभी इसे लागू करने की तारीख तय नहीं हुई है। उम्मीद है कि जून के अंत तक इसका ड्राफ्ट कानून तैयार हो जाएगा, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार किसी एक प्लेटफॉर्म को टारगेट नहीं करेगी। इसके बजाय उन प्लेटफॉर्म्स की पहचान की जाएगी जहां, ज्यादा लत लगाने वाले एल्गोरिद्म हैं, अनुचित या संवेदनशील कंटेंट मौजूद है और उसी आधार पर नियम लागू किए जाएंगे।

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दुनिया में बढ़ रहा यह ट्रेंड

ऑस्ट्रेलिया पहले ही 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू कर चुका है। वहीं फ्रांस में भी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे नियमों को मंजूरी मिल चुकी है। भारत में भी बच्चों के बीच सोशल मीडिया का बढ़ता उपयोग चिंता का विषय बनता जा रहा है। ज्यादा स्क्रीन टाइम, नींद की कमी, पढ़ाई में गिरावट और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

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यह कदम जहां एक तरफ बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे उनकी डिजिटल स्वतंत्रता पर रोक भी मान रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ऑस्ट्रिया का यह फैसला बाकी देशों को किस तरह प्रभावित करता है।

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