
नारी डेस्क: अगर आपके घर में 3–7 साल की छोटी बेटियां हैं, तो इस उम्र में सिखाई गई बातें उनकी सुरक्षा, आत्मविश्वास और सोच की नींव बनती हैं। बेटियों को सिर्फ संस्कार नहीं, सुरक्षा और आत्मसम्मान भी सिखाना उतना ही ज़रूरी है। इसलिए इस उम्र में सिखाई गई बातें जीवनभर उनके काम आती हैं। चलिए जानते हैं उन 5 बातों के बारे में जो बेटियों को सिखानी बेहद जरूरी है।

अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श का फर्क
उन्हें आसान भाषा में बताएं कि कौन-सा स्पर्श ठीक है और कौन-सा नहीं। अगर कोई गलत तरीके से छुए तो तुरंत “ना” कहना और घर में बताना ज़रूरी है। यह डराने के लिए नहीं उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए सिखाएं।
अपने शरीर पर उनका हक है
बेटी को सिखाएं कि उसे किसी को जबरदस्ती गले लगाने, गोद में बैठने या किस करने की ज़रूरत नहीं। चाहे सामने कोई रिश्तेदार ही क्यों न हो इससे उनमें बाउंड्री बनाना आता है।
अपनी बात खुलकर कहना
उन्हें यह आदत डालें कि जो अच्छा या बुरा लगे, वह बिना डरे बताए। अगर किसी ने डराया हो तो चुप न रहें। घर का माहौल ऐसा रखें कि बच्ची बिना डर सब बता सके।

नाम, पता और माता-पिता का नाम
धीरे-धीरे उन्हें सिखाएं अपना पूरा नाम, माता-पिता का नाम, घर का पता या फोन नंबर। इमरजेंसी में यह बहुत काम आता है।
खुद पर भरोसा करना
उन्हें बार-बार बताएं “तुम समझदार हो”, “तुम कर सकती हो”, “गलती करना ठीक है” इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और वे किसी के बहकावे में कम आती हैं।