
नारी डेस्क : जहां आज के दौर में लोग 30-40 की उम्र में ही थकान और हार मानने लगते हैं, वहीं काशीबा की कहानी हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देती है। 103 साल की उम्र में कांपते हाथ और झुकी कमर के बावजूद वह रोज़ मेहनत कर चाय बेचती हैं। उनका यह जज़्बा बताता है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है, असली ताकत इंसान के हौसले में होती है।
वडोदरा का वीडियो बता रहा जिंदगी की सच्चाई
वडोदरा से सामने आया यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें काशीबा अपने छोटे से स्टॉल पर काम करती नजर आती हैं। यह वीडियो लोगों को जिंदगी की असलियत समझाने के साथ-साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि काशीबा की कमर भले ही झुक गई हो, लेकिन उनके हौसले में पूरी सदी की ताकत है। यही वजह है कि लोग उन्हें देख भावुक हो रहे हैं।
खुद संभालती हैं पूरी दुकान
103 साल की उम्र में भी काशीबा न सिर्फ चाय बनाती हैं, बल्कि अदरक कूटने से लेकर दुकान चलाने तक का हर काम खुद करती हैं। उनका आत्मनिर्भर होना और मेहनत से पीछे न हटना उन्हें एक सच्ची प्रेरणा बनाता है। काशीबा की चाय की दुकान महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट्स फैकल्टी के पास स्थित है। लोग अब उनकी लोकेशन जानकर उनसे मिलने और मदद करने की इच्छा जता रहे हैं।

लोगों की नजर में ‘आशीर्वाद’
वीडियो देखने के बाद लोग काशीबा को एक आशीर्वाद की तरह देख रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसे लोग जिंदगी में हिम्मत नहीं हारने की सीख देते हैं। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि वे उन्हें सालों से इसी तरह मेहनत करते देख रहे हैं।

सीख: काशीबा की कहानी हमें सिखाती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर हिम्मत और मेहनत हो तो जिंदगी हर उम्र में जीने लायक बन सकती है।