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Twisha Sharma की मौत से उठा पर्दा? AIIMS Report आई सामने, टीम ने इसे बताया आत्महत्या

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 18 Aug, 2026 11:41 AM
Twisha Sharma की मौत से उठा पर्दा? AIIMS Report आई सामने, टीम ने इसे बताया आत्महत्या

 नारी डेस्क : मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी ने उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। मामले में दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  ट्विशा 12 मई 2026 को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। उनकी मौत के बाद परिवार ने पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप था कि शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम के दौरान तथ्यों से छेड़छाड़ की गई। इसी के बाद मामले में दूसरी पोस्टमार्टम जांच की मांग उठी। 

परिवार ने पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए थे सवाल

ट्विशा के माता-पिता और भाई का कहना था कि उनकी मौत सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं है। परिवार ने आरोप लगाया था कि ससुराल पक्ष की ओर से दहेज को लेकर उन्हें प्रताड़ित किया जाता था और जांच में भी लापरवाही हुई। परिजनों की मांग थी कि मौत की परिस्थितियों की स्वतंत्र और वैज्ञानिक तरीके से दोबारा जांच हो। इसी मांग को लेकर मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट तक पहुंचा। अदालत ने बाद में दूसरी पोस्टमार्टम जांच का रास्ता साफ किया। 

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AIIMS दिल्ली की टीम ने किया था दूसरा पोस्टमार्टम

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश के बाद AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों की टीम ने भोपाल में ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम किया था। यह जांच 24 मई को भोपाल AIIMS में हुई थी। मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम के साथ मामले से जुड़े फोरेंसिक पहलुओं की भी जांच की।  बाद में AIIMS मेडिकल बोर्ड ने अपनी विस्तृत फोरेंसिक राय CBI को सीलबंद लिफाफे में सौंपी। रिपोर्ट में कथित तौर पर उस जिम बेल्ट से त्वचा के ऊतक मिलने की बात सामने आई, जिसे मौत में इस्तेमाल किया गया था। फोरेंसिक जांच में इन ऊतकों का संबंध गर्दन पर मिले चोट के निशानों से बताया गया। 

दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी आत्महत्या की बात

अब सामने आई जानकारी के मुताबिक AIIMS की दूसरी पोस्टमार्टम जांच में भी मौत को फांसी के कारण हुई आत्महत्या के तौर पर देखा गया है। रिपोर्ट में मेडिको-लीगल तौर पर ऐसी चोटों के संकेत नहीं मिले, जिन्हें हमला या संघर्ष का प्रमाण माना जाए। इससे पहली जांच में सामने आए आत्महत्या के निष्कर्ष को समर्थन मिलता है।  हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि मामले में किसी और की भूमिका को लेकर जांच खत्म हो गई है। CBI ने अपनी चार्जशीट में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप लगाए हैं। 

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पति और सास के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट

CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट में समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं।  यानी जांच में मौत की मेडिकल वजह आत्महत्या सामने आने के बावजूद CBI ने यह आरोप लगाया है कि ट्विशा को कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया और परिस्थितियों ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया। इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

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आवाज के नमूने को लेकर भी हुआ विवाद

मामले की जांच के दौरान CBI और आरोपियों के बीच आवाज के नमूने देने को लेकर भी विवाद सामने आया था। जांच एजेंसी की ओर से आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने वॉइस सैंपल देने में सहयोग नहीं किया। वहीं, बचाव पक्ष ने इस आरोप का विरोध करते हुए कहा था कि आवाज के नमूने लेने की प्रक्रिया के दौरान जांच अधिकारियों का व्यवहार उचित नहीं था। इस मुद्दे को लेकर आरोपियों की ओर से अदालत के सामने भी आपत्ति दर्ज कराई गई थी।

परिवार अभी भी मानता है कि ट्विशा की हत्या हुई

CBI की चार्जशीट और दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की बात सामने आने के बावजूद ट्विशा का परिवार इससे संतुष्ट नहीं है। परिवार की ओर से लगातार यह दावा किया गया है कि उनकी बेटी की हत्या हुई थी और जांच में उन परिस्थितियों की भी पड़ताल होनी चाहिए, जिनके कारण उनकी मौत हुई। इस मामले में अब अदालत के सामने CBI की चार्जशीट, मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य जांच सामग्री महत्वपूर्ण होगी। मेडिकल जांच में आत्महत्या का निष्कर्ष सामने आने के बावजूद कथित दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
 

 

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