नारी डेस्क: भारत के किसी भी शहर या कस्बे की छतों पर नजर डालें, तो पानी की टंकी दिखाई देना कोई हैरानी की बात नहीं है। काली, नीली, गोल या बेलनाकार टंकियां भारतीय घरों का इतना सामान्य हिस्सा बन चुकी हैं कि अब शायद ही किसी का ध्यान उन पर जाता हो। लेकिन पंजाब में यही रोजमर्रा की जरूरत कुछ ऐसी शक्ल ले चुकी है, जिसने घरों की छतों को दूर से ही पहचान देने का काम किया है। पंजाब के कई हिस्सों में लोगों ने पानी की टंकियों को सिर्फ पानी जमा करने के साधन के रूप में नहीं देखा। उन्हें अपनी पसंद, पेशे, सपनों और परिवार की पहचान से जोड़ दिया। यही वजह है कि यहां कई घरों की छतों पर साधारण टंकी के बजाय हवाई जहाज, ट्रैक्टर, ट्रक, जानवर, चाय की केतली और दूसरी अलग-अलग आकृतियां नजर आती हैं।
जब पानी की टंकी बनी घर की पहचान
पानी की टंकी का मूल काम वही रहा घर में पानी का भंडारण करना। फर्क सिर्फ इतना आया कि उसके ऊपर और आसपास का डिजाइन लोगों की कल्पना के मुताबिक बदल गया। किसी घर की छत पर ट्रैक्टर नजर आता है, तो कहीं पूरा हवाई जहाज जैसे आसमान में उड़ान भरने के लिए तैयार हो। कुछ टंकियां ट्रकों या दूसरे वाहनों की शक्ल में बनाई गई हैं, जबकि कुछ पर जानवरों और रोजमर्रा की चीजों के आकार देखने को मिलते हैं। इस तरह एक बेहद सामान्य और उपयोगी चीज धीरे-धीरे घर के डिजाइन का खास हिस्सा बन गई।

डिजाइन में दिखती है पंजाब की कहानी
इन टंकियों को सिर्फ सजावट के तौर पर देखना शायद इस कहानी को अधूरा समझना होगा। इनके पीछे पंजाब के लोगों की जिंदगी, उनकी महत्वाकांक्षाएं और सामाजिक पहचान की झलक भी दिखाई देती है। किसी परिवार के लिए ट्रैक्टर खेती और जमीन से जुड़ाव का प्रतीक हो सकता है। वहीं, हवाई जहाज का आकार विदेश जाने या बेहतर भविष्य के सपने से जुड़ा नजर आता है। पंजाब से विदेशों में बड़ी संख्या में लोगों के जाने की संस्कृति ने भी इस तरह के प्रतीकों को घरों की छत तक पहुंचाया है। यानी छत पर रखा यह ढांचा सिर्फ पानी नहीं संभालता, बल्कि परिवार की कहानी का एक छोटा सा हिस्सा भी अपने भीतर समेटे रहता है।
जरूरत और शौक का अनोखा मेल
आमतौर पर घर में इस्तेमाल होने वाली चीजों को हम उपयोगिता के नजरिए से देखते हैं। पानी की टंकी भी उन्हीं चीजों में से एक है। लेकिन पंजाब के इन घरों में उपयोगिता और रचनात्मकता का ऐसा मेल देखने को मिलता है, जिसमें रोजमर्रा की जरूरत भी बनी रहती है और घर को अलग पहचान भी मिल जाती है। यहां डिजाइन किसी बड़े आर्किटेक्चरल प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं है। यह लोगों की अपनी कल्पना से पैदा हुआ है। इसी वजह से इन टंकियों में एक तरह की सहजता और स्थानीय रंग दिखाई देता है।

छत पर बने ‘मोन्यूमेंट’
फोटोग्राफर राजेश वोरा ने अपनी सीरीज ‘Everyday Monuments’ में पंजाब की ऐसी ही छतों और पानी की टंकियों को कैमरे में दर्ज किया है। इन तस्वीरों में पानी की टंकियां महज घरेलू सामान नहीं लगतीं। वे दूर से किसी स्मारक या सार्वजनिक कला की तरह दिखाई देती हैं। फर्क इतना है कि ये किसी संग्रहालय या पार्क में नहीं, बल्कि आम लोगों के घरों की छतों पर खड़ी हैं। इन आकृतियों को देखकर यह भी समझ आता है कि वास्तुकला हमेशा बड़े भवनों, महंगे डिजाइन या मशहूर आर्किटेक्ट तक सीमित नहीं होती। कई बार आम लोग भी अपने घर के छोटे से हिस्से को अपनी कल्पना के मुताबिक बदलकर उसे खास बना देते हैं।
साधारण चीज में छिपी असाधारण कहानी
भारतीय शहरों में पानी की टंकियां इतनी आम हैं कि अक्सर हम उन्हें देखे बिना ही आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन जब वही टंकी किसी विमान, ट्रैक्टर या जानवर का आकार ले लेती है, तो अचानक हमारी नजर उस पर टिक जाती है। यही इस तरह के लोक डिजाइन की सबसे दिलचस्प बात है। जिस चीज को हम रोज देखते हैं, वही थोड़े बदलाव के साथ एक कहानी कहने लगती है। पंजाब की ये टंकियां बताती हैं कि डिजाइन हमेशा किसी खास वर्ग या जगह की चीज नहीं होती। यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, उनकी पसंद, सपनों और आसपास के माहौल से भी निकल सकती है।

भारतीय डिजाइन को देखने का एक अलग नजरिया
पंजाब की छतों पर बनी ये पानी की टंकियां हमें भारतीय डिजाइन को एक अलग नजर से देखने का मौका देती हैं। यहां वास्तुकला सिर्फ घर की दीवारों और दरवाजों तक सीमित नहीं है। कभी-कभी छत पर रखी एक साधारण पानी की टंकी भी परिवार, पेशे, संस्कृति और सपनों की पहचान बन जाती है। शायद इसी वजह से भारत में दिलचस्प डिजाइन खोजने के लिए हमेशा किसी मशहूर इमारत या ऐतिहासिक स्मारक की जरूरत नहीं पड़ती। कभी-कभी सबसे अनोखी चीज हमारे सामने ही होती है और बस उसे देखने का नजरिया बदलने की जरूरत होती है। पंजाब की इन छतों की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। पानी जमा करने वाली एक सामान्य टंकी, लोगों की कल्पना से गुजरकर घर की पहचान बन गई। और अब वह सिर्फ छत पर रखी चीज नहीं, बल्कि पंजाब के रोजमर्रा के जीवन और लोक वास्तुकला का एक अनोखा हिस्सा है।