नारी डेस्क: आज के समय में शहरों में घरों का आकार सीमित हो रहा है, लेकिन परिवार की जरूरतें कम नहीं हुई हैं। एक ही घर में रहने, पढ़ने, काम करने, सामान रखने और आराम करने के लिए जगह चाहिए। ऐसे में छोटे घर को केवल बड़ा दिखाना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए। असली जरूरत है कि उपलब्ध जगह का ऐसा उपयोग किया जाए, जिससे घर खुला, व्यवस्थित और आरामदायक महसूस हो। सही योजना, उपयुक्त फर्नीचर और सामान रखने की बेहतर व्यवस्था के साथ सीमित जगह में भी घर की सुविधाओं को बढ़ाया जा सकता है।
पहले समझें घर की जरूरत
छोटे घर में सजावट शुरू करने से पहले यह देखना जरूरी है कि परिवार किस जगह का सबसे ज्यादा उपयोग करता है। केवल सुंदर दिखाई देने वाला फर्नीचर चुनने के बजाय उसकी जरूरत और उपयोगिता पर ध्यान देना चाहिए। यदि बैठक में परिवार का अधिक समय बीतता है तो वहां आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह बचनी चाहिए। वहीं सामान रखने की समस्या अधिक है तो बड़े-बड़े कैबिनेट लगाने के बजाय दीवार की ऊंचाई का उपयोग करना बेहतर हो सकता है। यानी छोटे घर में हर जगह को उसकी जरूरत के अनुसार उपयोगी बनाना जरूरी है।

दीवारों को बनाएं उपयोगी
छोटे घर में फर्श की जगह सीमित होती है, इसलिए दीवारों का सही उपयोग काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। दीवार पर लगी अलमारियां, ऊंचे कैबिनेट और दीवार से जुड़े फर्नीचर सामान रखने की क्षमता बढ़ा सकते हैं, जबकि फर्श पर अतिरिक्त फर्नीचर रखने की जरूरत कम होती है। लेकिन हर दीवार को अलमारी से भर देना भी सही नहीं है। कुछ हिस्सों को खुला रखने से घर में संतुलन और खुलापन बना रहता है।
एक से ज्यादा काम आने वाला फर्नीचर
छोटे घर में ऐसा फर्नीचर अधिक उपयोगी होता है जो एक से ज्यादा काम आ सके। सामान रखने वाले पलंग, फोल्डेबल डाइनिंग टेबल, सामान रखने वाले छोटे आसन या ऐसा सोफा जिसे जरूरत पड़ने पर बिस्तर में बदला जा सके, सीमित जगह का बेहतर उपयोग करने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, छोटा भोजन क्षेत्र हो तो ऐसी टेबल चुनी जा सकती है जिसे जरूरत के अनुसार खोला या समेटा जा सके। इसी तरह अतिथि कक्ष को कभी-कभी काम करने की जगह के रूप में इस्तेमाल करना हो तो फर्नीचर का चयन दोनों जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा सकता है।

दरवाजों में भी बचाएं जगह
छोटे घर में दरवाजे के खुलने के लिए छोड़ी जाने वाली जगह भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे स्थानों पर स्लाइडिंग दरवाज़े लगाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि इससे जगह भी बचती है। इसी तरह, किसी कमरे को स्थायी दीवार से अलग करने के बजाय हल्के पर्दों या स्लाइडिंग पार्टिशन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे जरूरत के अनुसार जगह को कभी खुला रखा जा सकता है और कभी अलग-अलग हिस्सों में बाँटा जा सकता है।यह उपाय खासतौर पर उन घरों में उपयोगी है जहां एक ही जगह को अलग-अलग समय पर अलग काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
सामान रखने की जगह बढ़ाएं, लेकिन घर न भरें
छोटे घर में समस्या अक्सर सामान की मात्रा से ज्यादा उसके बिखरे हुए दिखाई देने की होती है। पलंग के नीचे की जगह, खिड़की के पास बनी बैठने की जगह, दीवार की पूरी ऊंचाई तक बनी अलमारियां और ऊपर के कैबिनेट कम इस्तेमाल होने वाले सामान के लिए उपयोगी हो सकते हैं। रोज इस्तेमाल होने वाली चीजें आसानी से हाथ आने वाली जगह पर और कम इस्तेमाल होने वाली चीजें ऊपर या अंदर रखी जा सकती हैं। इससे घर व्यवस्थित रहता है और हर चीज के लिए अलग फर्नीचर रखने की जरूरत कम होती है।
एक जैसे रंगों से सजाएँ घर
छोटे कमरे में बहुत अधिक रंगों और अलग-अलग डिज़ाइनों का इस्तेमाल करने से जगह बिखरी हुई और छोटी नजर आ सकती है। हल्के और सुकून देने वाले रंगों के साथ एक-दूसरे से मेल खाते शेड्स कमरे को खुला और आरामदायक एहसास देते हैं। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पूरे घर में सिर्फ सफेद रंग का इस्तेमाल किया जाए। किसी एक दीवार, फर्नीचर या सजावटी वस्तु में उभरता हुआ रंग शामिल करके घर की खूबसूरती के साथ उसमें अपनी खास पहचान और व्यक्तित्व भी जोड़ा जा सकता है।
फर्नीचर का आकार भी देखें
छोटे कमरे में सिर्फ कम फर्नीचर रखना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका आकार भी कमरे के हिसाब से होना चाहिए। बहुत बड़ा सोफा, ज्यादा गहरी अलमारी या भारी-भरकम मेज कमरे की उपयोगी जगह को कम कर सकती है। इसलिए फर्नीचर खरीदने से पहले कमरे का सही माप और आने-जाने के लिए जरूरी जगह जरूर ध्यान में रखें। हालांकि, हर चीज बहुत छोटी चुनना भी सही नहीं है। फर्नीचर ऐसा होना चाहिए जो कमरे के आकार के साथ संतुलित हो और आराम व सुविधा से भी समझौता न करे। सही आकार का फर्नीचर छोटे कमरे को अधिक खुला, व्यवस्थित और आरामदायक बना सकता है।

एक जगह, कई उपयोग
आज के घरों में एक ही जगह का अलग-अलग समय पर अलग उपयोग होना सामान्य बात है। भोजन की टेबल कभी पढ़ने या काम करने की जगह बन सकती है। बैठक का एक हिस्सा जरूरत पड़ने पर अतिथि के उपयोग में आ सकता है।
ऐसे में फर्नीचर और घर की जगह को इस तरह रखना चाहिए कि जरूरत के अनुसार उसका उपयोग बदला जा सके। जो घर परिवार की बदलती जरूरतों के साथ अपना उपयोग बदल सके, वह लंबे समय तक अधिक सुविधाजनक बना रहता है।
थोड़ी खाली जगह भी जरूरी है
छोटे घर को उपयोगी बनाने के चक्कर में हर खाली जगह को फर्नीचर और सजावटी वस्तुओं से भर देना सही नहीं है।
कुछ खाली जगह घर को खुला महसूस कराती है। साफ आने-जाने का रास्ता, व्यवस्थित सामान और सीमित लेकिन सही सजावट छोटे घर को अधिक आरामदायक बना सकती है।
वास्तु की दृष्टि से भी घर में अनावश्यक सामान कम रखना, रास्तों को खुला रखना और प्राकृतिक रोशनी व हवा के लिए पर्याप्त जगह बनाए रखना सकारात्मक वातावरण के लिए उपयोगी माना जाता है। इसलिए छोटे घर की योजना बनाते समय सुविधा के साथ खुलापन भी ध्यान में रखना चाहिए।
छोटा घर, लेकिन बड़ी सुविधा
छोटे घर की खूबसूरती सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि वह कितना बड़ा दिखाई देता है। असली खूबसूरती तब है, जब घर की हर जगह का सही उपयोग हो, सामान व्यवस्थित रहे और परिवार को अपने घर में आराम और अपनापन महसूस हो। सही प्लानिंग और सोच-समझकर किए गए इंटीरियर से छोटा घर भी खूबसूरत, आरामदायक और बेहद उपयोगी बनाया जा सकता है।
इसलिए सीमित जगह में ज्यादा सामान रखने के बजाय सही योजना, एक से ज्यादा काम आने वाला फर्नीचर, सामान रखने की अच्छी व्यवस्था और खुली जगह पर ध्यान देना बेहतर है। घर का आकार छोटा हो सकता है, लेकिन सही डिजाइन उसे सीमित महसूस होने से बचा सकता है।
— रक्षा सेठी, इंटीरियर डिजाइनर एवं वास्तु विशेषज्ञ, इंदौर