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ब्रेन अटैक के इलाज के लिए पहुंचा था मरीज, ब्लैडर में मिली 3.1 किलो की पथरी; डॉक्टर भी रह गए हैरान

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 19 Aug, 2026 03:06 PM
ब्रेन अटैक के इलाज के लिए पहुंचा था मरीज, ब्लैडर में मिली 3.1 किलो की पथरी; डॉक्टर भी रह गए हैरान

नारी डेस्क:  श्रीलंका से सामने आया एक बेहद असामान्य मेडिकल मामला डॉक्टरों के लिए भी हैरान करने वाला रहा। 55 साल का एक व्यक्ति स्ट्रोक यानी ब्रेन अटैक के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था, लेकिन जांच के दौरान उसके यूरिनरी ब्लैडर में करीब 3.1 किलो वजन की विशाल पथरी मिली। डॉक्टरों ने सर्जरी कर इसे बाहर निकाला। मरीज को पहले से पेशाब करते समय दर्द होता था, लेकिन उसने इस परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया था।

स्ट्रोक के इलाज के दौरान सामने आई दूसरी समस्या

मरीज को स्ट्रोक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि उसे पेशाब करते समय दर्द भी होता है। इस शिकायत के बाद उसकी आगे की जांच कराई गई। अल्ट्रासाउंड में डॉक्टरों को ब्लैडर के अंदर एक बहुत बड़ी पथरी दिखाई दी। पथरी का आकार देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। जांच के बाद इसे निकालने के लिए सर्जरी करने का फैसला लिया गया।

3.1 किलो की पथरी देखकर डॉक्टर भी रह गए हैरान

सर्जरी करने वाले डॉक्टर बालाकृष्णन के मुताबिक, पथरी आकार में इतनी बड़ी थी कि देखने में वह लगभग शुतुरमुर्ग के अंडे जैसी लग रही थी। इसका वजन करीब 3.1 किलो बताया गया। ऑपरेशन के दौरान पथरी को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया। मरीज की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है, हालांकि स्ट्रोक समेत उसकी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए डॉक्टर अभी उसकी निगरानी कर रहे हैं।

एक-दो महीने में नहीं बनी होगी इतनी बड़ी पथरी

इतनी बड़ी ब्लैडर स्टोन अचानक नहीं बनती। डॉक्टरों के अनुमान के मुताबिक, मरीज काफी लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहा होगा। रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने आशंका जताई कि यह पथरी कई वर्षों में धीरे-धीरे बड़ी हुई होगी। ब्लैडर में बनने वाली पथरी का आकार काफी अलग-अलग हो सकता है। आमतौर पर ये छोटे आकार की होती हैं, लेकिन दुर्लभ मामलों में इनका आकार असामान्य रूप से बड़ा हो सकता है।

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आखिर ब्लैडर में पथरी बनती कैसे है

ब्लैडर स्टोन यानी पेशाब की थैली में पथरी तब बन सकती है, जब यूरिनरी ब्लैडर पेशाब को पूरी तरह खाली नहीं कर पाता। ब्लैडर में बचा हुआ पेशाब समय के साथ मिनरल्स के जमा होने का कारण बन सकता है। धीरे-धीरे ये पदार्थ सख्त होकर पथरी का रूप ले सकते हैं। कुछ लोगों में पेशाब पूरी तरह बाहर न निकलने की समस्या प्रोस्टेट बढ़ने, यूरिनरी ट्रैक्ट में रुकावट या दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से हो सकती है।

पेशाब में दर्द को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

इस मामले की सबसे अहम बात यही है कि मरीज को काफी समय से पेशाब करते समय दर्द हो रहा था। अगर ऐसी समस्या लगातार बनी रहे तो उसे सामान्य समझकर टालना ठीक नहीं है। पेशाब करते समय दर्द या जलन, बार-बार पेशाब आना, पेशाब की धार रुक-रुककर आना, पेशाब करने में परेशानी और पेट के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण ब्लैडर स्टोन समेत कई दूसरी यूरिनरी समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं।

पानी पीने और पेशाब न रोकने की सलाह

यूरिनरी सिस्टम को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। हालांकि, पानी की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, मौसम, गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से अलग हो सकती है। इसके अलावा लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने की आदत से बचना चाहिए। अगर पेशाब से जुड़ी कोई परेशानी बार-बार हो रही है, दर्द या खून नजर आता है या पेशाब करने में दिक्कत होती है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

छोटी परेशानी को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

श्रीलंका का यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि शरीर में होने वाली छोटी-सी परेशानी को भी लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पेशाब में दर्द जैसी समस्या अगर लगातार बनी हुई है तो समय पर जांच कराने से समस्या का पता शुरुआती दौर में ही लगाया जा सकता है।

नोट: ब्लैडर स्टोन के लक्षण कई दूसरी यूरिनरी समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
  
 
 

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