नारी डेस्क: विवाह जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण होता है, लेकिन कई बार लोग यह महसूस करते हैं कि सब कुछ सही होने के बावजूद शादी में देरी क्यों हो रही है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, विवाह में बाधाएं या देरी के कई कारण हो सकते हैं। कुंडली के सातवें भाव, उसके स्वामी ग्रह और ग्रहों की दशा को देखकर यह समझा जा सकता है कि शादी में देरी क्यों हो रही है।
विवाह में देरी के मुख्य कारण
सातवें भाव या उसके स्वामी पर ग्रहों का प्रभाव
ज्योतिष एक्सपर्ट अनुसार, अगर आपकी कुंडली में सातवें भाव या उसका स्वामी ग्रह किसी कारण से प्रभावित हो रहा है, तो आपको विवाह में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
मंगल दोष (Manglik Dosh)
अगर कुंडली के लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या बारहवें भाव में मंगल ग्रह मौजूद हो तो मांगलिक दोष उत्पन्न हो सकता है। इससे वैवाहिक जीवन में कलह और तनाव बढ़ सकता है, और शादी में विलंब देखने को मिल सकता है।

शनि ग्रह का प्रभाव
यदि शनि ग्रह सप्तम भाव या उसके स्वामी को प्रभावित कर रहा है, तो विवाह तो होगा लेकिन देरी से। यह ग्रह धीमी गति से कार्य करता है, इसलिए इसके प्रभाव से शादी में विलंब हो सकता है।
शुक्र और गुरु ग्रह की स्थिति
पुरुष की कुंडली में शुक्र या गुरु ग्रह पीड़ित हो तो विवाह में देरी हो सकती है। शुक्र के अस्त या कमजोर होने से जीवनसाथी मिलने में बाधा आती है। स्त्रियों की कुंडली में बृहस्पति ग्रह का प्रभाव भी विवाह में देरी का कारण बन सकता है।
वक्री ग्रह
अगर जन्म के समय सप्तम भाव का स्वामी वक्री स्थिति में हो, तो विवाह सामान्य समय से देरी से हो सकता है। कई बार शादी बड़ी पर्सनल ग्रोथ या उपलब्धियों के बाद ही होती है।
विवाह में देरी के उपाय
पीला नीलम धारण करें: महिलाओं को विवाह में देरी या बाधाओं के समय ज्योतिषी की सलाह पर पीला नीलम धारण करना चाहिए। यह गुरु ग्रह की स्थिति को मजबूत करने में मदद करता है। गुरुवार का दिन इसे पहनने के लिए शुभ माना जाता है।

शनि के प्रभाव से राहत के लिए उपाय: यदि विवाह में देरी शनि ग्रह के कारण हो रही हो, तो शनिवार को शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इससे शनि की स्थिति बेहतर होती है और विवाह में बाधाएं कम हो सकती हैं।
पीले रंग की वस्तुओं का दान: पीले रंग की वस्तुएं जैसे हल्दी, चना दाल या पीले कपड़े का दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे बृहस्पति ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और विवाह की बाधाओं को कम किया जा सकता है।
ज्योतिषी से कुंडली दिखाएं: शादी में देरी या बाधाएं आने पर किसी कुशल ज्योतिषी से अपनी कुंडली के सातवें भाव और ग्रह दशा जरूर दिखाएं। इसके अनुसार उपाय करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और विवाह जल्दी होने में मदद मिलती है।