
नारी डेस्क: नवरात्र के दौरान कई लोग पूरे 9 दिन व्रत नहीं रख पाते, इसलिए वे केवल पहला और आखिरी व्रत करते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बाकी दिनों में नियमों को नजरअंदाज किया जाए। पूरे 9 दिनों तक कुछ जरूरी बातों का पालन करना बेहद जरूरी होता है, तभी व्रत का पूरा फल मिलता है।अगर आप सिर्फ पहला और आखिरी व्रत रख रहे हैं, तब भी पहले दिन कलश स्थापना जरूर करें। इसके बाद रोजाना मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करें। घर में अखंड ज्योति जलाना शुभ माना जाता है। आखिरी दिन व्रत का पारण कन्या पूजन और हवन के बाद ही करें। कन्याओं को भोजन कराकर सम्मानपूर्वक विदा करने के बाद ही व्रत खोलें। इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और पूजा सफल मानी जाती है।

9 दिनों तक किन बातों का रखें ध्यान?
भले ही आप रोज व्रत न रखें, लेकिन पूरे नवरात्र में कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है केवल सात्विक भोजन करें। प्याज और लहसुन से पूरी तरह दूरी बनाएं। घर और पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखें। रोज सुबह-शाम माता की पूजा और आरती करें। पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। ब्रह्मचर्य का पालन करें। झूठ बोलने, गुस्सा करने और दिन में सोने से बचें। घर में तामसिक चीजें न आने दें। कलश और अखंड ज्योति को अकेला न छोड़ें।
भूलकर भी न करें ये गलतियां
कई लोग सोचते हैं कि जब वे सिर्फ दो दिन व्रत रख रहे हैं, तो बाकी दिनों में नियम जरूरी नहीं हैं। लेकिन ऐसा करना गलत माना जाता है। पूरे नवरात्र में मन को शांत और सकारात्मक रखें। किसी का अपमान, गाली-गलौज या गलत व्यवहार न करें। पूजा के दौरान नकारात्मक विचारों से दूर रहें। ऐसा माना जाता है कि इन गलतियों से मां दुर्गा की कृपा पूरी तरह नहीं मिलती।

नवरात्र में चाहे आप 9 दिन व्रत रखें या सिर्फ पहला और आखिरी, नियम और श्रद्धा दोनों ही जरूरी हैं। पूरे 9 दिनों तक सादगी, साफ-सफाई और सकारात्मक सोच बनाए रखने से ही माता रानी की कृपा प्राप्त होती है।