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Budget 2026: 75 साल पुरानी परंपरा बदलने वाली है, पार्ट-B में होगा बड़ा बदलाव

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 01 Feb, 2026 12:35 PM
Budget 2026: 75 साल पुरानी परंपरा बदलने वाली है, पार्ट-B में होगा बड़ा बदलाव

नारी डेस्क:  आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में Budget 2026 पेश करेंगी। यह दिन भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खास है। हर साल बजट सिर्फ आंकड़े और खर्चों के तौर पर देखा जाता था, लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग होगी। पारंपरिक तौर पर बजट भाषण दो हिस्सों में होता है पार्ट-A और पार्ट-B। पार्ट-A में बड़े खर्च, मंत्रालयों के लिए आवंटन और वित्तीय आंकड़े होते हैं। पार्ट-B को हमेशा फॉर्मेलिटी माना जाता था। लेकिन इस बार पार्ट-B को मुख्य भूमिका दी जा रही है। यह हिस्सा अब केवल समापन नहीं होगा, बल्कि पूरे बजट भाषण का मुख्य फोकस बन सकता है। इसमें सरकार केवल आज के फैसले नहीं दिखाएगी, बल्कि आने वाले सालों के लिए रणनीति और रोडमैप भी बताएगी।

पार्ट-B में क्या खास होगा?

आम लोगों की नजर अक्सर टैक्स छूट और तुरंत होने वाले फैसलों पर रहती है। लेकिन इस बार पार्ट-B में सरकार का मकसद है भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना। सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि भविष्य में विकास की दिशा दिखाना। देश और विदेश के निवेशकों को यह भरोसा देना कि भारत में निवेश सुरक्षित है। सरकार यह दिखाना चाहती है कि भारत की नीतियां स्थिर हैं, और दुनिया की अनिश्चितताओं के बीच भी हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है।

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क्यों है यह बदलाव जरूरी?

दुनिया में जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता बढ़ रही है। अमेरिका और अन्य देशों द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ और वैश्विक बाजार की उलझनों के बीच, भारत अपनी स्थिति स्थिर और मजबूत बनाना चाहता है। इस नए फॉर्मेट के जरिए सरकार लॉन्ग-टर्म पॉलिसी स्टेटमेंट पेश करेगी। इसका मतलब यह है कि भारत सिर्फ आज के फैसले नहीं, बल्कि आने वाले कई सालों की रणनीति भी दुनिया के सामने रख रहा है।

बजट से पहले संसद में पेश किए गए Economic Survey में भी यह बात साफ हुई थी। निवेश का माहौल मजबूत करने के लिए बहुआयामी रणनीति जरूरी है। इसमें स्ट्रक्चरल और साइक्लिकल फैक्टर्स दोनों पर ध्यान दिया गया है। सरकार का फोकस अब बाजार का पूरा फायदा उठाने और विकास दर बनाए रखने पर है।  

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