नारी डेस्क: कई बार लोग अचानक अपने हाथों, पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों पर नीले या बैंगनी रंग के निशान देखकर हैरान रह जाते हैं। सबसे अजीब बात यह होती है कि उन्हें याद भी नहीं रहता कि कहीं चोट लगी हो। अक्सर ऐसे निशानों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यदि यह समस्या बार-बार होने लगे तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना चोट लगे बार-बार नीले निशान दिखाई देना शरीर में किसी पोषण संबंधी कमी, दवाओं के असर या किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। इसलिए इसके पीछे के कारणों को समझना जरूरी है।
आखिर नीले निशान बनते कैसे हैं
जब त्वचा के नीचे मौजूद छोटी रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) टूट जाती हैं, तो खून आसपास के ऊतकों में जमा होने लगता है। इसी वजह से त्वचा पर नीले, बैंगनी या काले रंग के निशान दिखाई देते हैं। आमतौर पर यह चोट लगने के बाद होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में बिना किसी स्पष्ट चोट के भी ऐसा हो सकता है।

ज्यादा एक्सरसाइज भी बन सकती है वजह
अगर आपने हाल ही में बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत की है या भारी व्यायाम किया है, तो भी शरीर पर नीले निशान दिखाई दे सकते हैं। दरअसल, अधिक दबाव पड़ने पर त्वचा के नीचे की छोटी रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो सकती हैं। कई बार व्यक्ति को चोट का एहसास भी नहीं होता, लेकिन अंदरूनी स्तर पर हुई मामूली क्षति के कारण निशान उभर आते हैं।
कुछ दवाएं बढ़ा सकती हैं यह समस्या
कुछ दवाओं का सेवन करने वाले लोगों में भी आसानी से नीले निशान पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। ब्लड थिनर, एस्पिरिन, इबुप्रोफेन और नेप्रोक्सेन जैसी दवाएं खून को जमने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं। ऐसे में छोटी रक्त वाहिकाओं से होने वाला मामूली रिसाव भी त्वचा पर बड़े निशान के रूप में दिखाई दे सकता है। यदि किसी नई दवा की शुरुआत के बाद यह समस्या बढ़ी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विटामिन और मिनरल्स की कमी भी हो सकती है कारण
कई बार शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी बिना वजह नीले निशान बनने का कारण बनती है।
विटामिन C की कमी
विटामिन C त्वचा और रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर नसें कमजोर हो सकती हैं और मामूली दबाव से भी निशान पड़ सकते हैं।

आयरन की कमी
आयरन की कमी से शरीर में खून की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे त्वचा और रक्त वाहिकाओं की सेहत पर असर पड़ सकता है।
विटामिन K की कमी
विटामिन K खून को जमाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर खून का थक्का बनने में अधिक समय लगता है, जिससे नीले निशान आसानी से बनने लगते हैं।
कुछ बीमारियां भी हो सकती हैं जिम्मेदार
कई बार बार-बार बनने वाले नीले निशान किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर भी इशारा कर सकते हैं।
इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (ITP)
यह एक दुर्लभ बीमारी है जिसमें शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। प्लेटलेट्स खून को जमाने में मदद करते हैं। जब इनकी संख्या घट जाती है, तो शरीर पर अचानक नीले या बैंगनी निशान दिखाई देने लगते हैं।
ब्लड डिसऑर्डर और अन्य गंभीर बीमारियां
कुछ मामलों में यह समस्या ब्लड कैंसर, नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा या अन्य रक्त संबंधी विकारों से भी जुड़ी हो सकती है। हालांकि ऐसा कम होता है, लेकिन अगर इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें तो तुरंत जांच करवानी चाहिए।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
यदि शरीर पर बार-बार बिना वजह नीले निशान बन रहे हों और साथ में ये समस्याएं भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है
अत्यधिक थकान महसूस होना
बिना कारण वजन कम होना
बार-बार नाक से खून आना।
मसूड़ों से खून निकलना
छोटी चोट में भी लंबे समय तक खून बहना
त्वचा पर तेजी से बढ़ते हुए निशान

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है
यदि शरीर पर बार-बार बिना चोट के नीले निशान बन रहे हैं या उनकी संख्या बढ़ती जा रही है, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। एक साधारण ब्लड टेस्ट और अन्य जांचों की मदद से समस्या का कारण पता लगाया जा सकता है। समय रहते जांच करवाने से किसी गंभीर बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है और उपचार जल्दी शुरू किया जा सकता है।
शरीर पर कभी-कभार छोटा-मोटा नीला निशान दिखना हमेशा चिंता की बात नहीं होती, लेकिन यदि यह समस्या बार-बार होने लगे तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार शरीर ऐसे संकेतों के जरिए अंदर चल रही किसी समस्या की ओर इशारा करता है। इसलिए अपने शरीर के बदलावों पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेने में देरी न करें।