
नारी डेस्क : गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में तरह-तरह के रसीले आम दिखाई देने लगते हैं। फलों का राजा कहलाने वाला आम स्वाद के साथ-साथ पोषण का भी अच्छा स्रोत है। हालांकि, अधिकांश लोग आम का मीठा गूदा खाने के बाद उसकी गुठली को बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं। लेकिन आयुर्वेद में आम की गुठली को कई औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सही और सीमित मात्रा में उपयोग स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है।
कई स्वास्थ्य समस्याओं में हो सकती है लाभकारी
डॉक्टर के अनुसार, आम की गुठली में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। उनका कहना है कि आम की गुठली के अंदर मौजूद बीज का पाउडर पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग में पाचन को बेहतर बनाने, वजन प्रबंधन में सहयोग करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक माना जाता है। हालांकि, इन दावों पर आधुनिक वैज्ञानिक शोध अभी सीमित हैं, इसलिए इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

आम की गुठली का कैसे करें इस्तेमाल?
आम खाने के बाद उसकी गुठली को अच्छी तरह साफ करके धूप में पूरी तरह सुखा लें। सूखने के बाद उसका कठोर बाहरी खोल हटाकर अंदर मौजूद बीज निकाल लें। इस बीज को सुखाकर बारीक पाउडर बनाया जा सकता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस पाउडर का सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है। कुछ लोग इसे सुबह खाली पेट पानी के साथ लेते हैं, लेकिन इसकी सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए नियमित सेवन शुरू करने से पहले किसी योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर होता है।
किन बातों का रखें ध्यान?
हालांकि आम की गुठली को आयुर्वेद में लाभकारी माना गया है, लेकिन किसी भी प्राकृतिक चीज का अधिक मात्रा में सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। यदि आप डायबिटीज, किडनी, लिवर या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं या नियमित रूप से कोई दवा ले रहे हैं, तो बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन न करें। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों को भी इसका उपयोग विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करना चाहिए।

आम की गुठली को बेकार समझकर फेंकने से पहले उसके संभावित स्वास्थ्य लाभों के बारे में जरूर जान लें। आयुर्वेद में इसे उपयोगी माना गया है, लेकिन इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ इसका सही उपयोग आपकी सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है।