17 JUNWEDNESDAY2026 6:13:58 AM
Nari

आपकी इस एक गलती की वजह से दिल और पेट में भर सकता है पानी !

  • Edited By Monika,
  • Updated: 12 Jun, 2026 01:31 PM
आपकी इस एक गलती की वजह से दिल और पेट में भर सकता है पानी !

नारी डेस्क : अक्सर कहा जाता है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भरपूर पानी पीना चाहिए, क्योंकि पानी हमारे शरीर के लगभग हर महत्वपूर्ण कार्य के लिए जरूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार शरीर में जरूरत से ज्यादा तरल पदार्थ जमा होना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है? दरअसल, जब पानी या फ्लूइड शरीर के कुछ हिस्सों, जैसे पेट या दिल के आसपास, असामान्य रूप से जमा होने लगता है तो यह लिवर, हार्ट या किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों की ओर इशारा कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें और स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज करना इस खतरे को बढ़ा सकता है। ऐसे में समय रहते इसके संकेतों को पहचानना और डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

पेट में पानी भरने की समस्या क्या है?

पेट में तरल पदार्थ जमा होने की स्थिति को एसाइटिस (Ascites) कहा जाता है। यह समस्या सबसे अधिक उन लोगों में देखी जाती है जिन्हें लिवर सिरोसिस या गंभीर लिवर रोग होते हैं। इस स्थिति में पेट असामान्य रूप से फूल सकता है और व्यक्ति को भारीपन महसूस हो सकता है।

PunjabKesari

पेट में पानी भरने के लक्षण

पेट का तेजी से बढ़ना
अचानक वजन बढ़ना
टखनों और पैरों में सूजन
सांस लेने में परेशानी
पेट दर्द या असहजता
लगातार थकान महसूस होना।

यें भी पढ़ें : डिनर के बाद खाएं सिर्फ 1 चम्मच ये बीज, शरीर से बाहर निकलेगा खराब कोलेस्ट्रॉल

 

किन आदतों से बढ़ता है खतरा?

विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ दैनिक आदतें इस समस्या का कारण बन सकती हैं
लंबे समय तक अत्यधिक शराब का सेवन
हेपेटाइटिस बी और सी का इलाज न कराना
लिवर की समस्याओं को नजरअंदाज करना
अस्वस्थ खानपान और मोटापा
नियमित स्वास्थ्य जांच न कराना।

PunjabKesari

हार्ट में पानी भरना क्या होता है?

दिल के आसपास पानी जमा होने की स्थिति को पेरिकार्डियल इफ्यूजन (Pericardial Effusion) कहा जाता है। इसमें दिल को घेरने वाली झिल्ली में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा हो जाता है। शुरुआती चरण में लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।

हार्ट में पानी भरने के लक्षण

सीने में दर्द या दबाव पड़ना। 
सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होना। 
चक्कर आना और अत्यधिक कमजोरी होना। 
लेटने पर परेशानी महसूस होना। 

यें भी पढ़ें : ब्रेस्ट कैंसर के छिपे संकेत: सिर्फ गांठ नहीं, इन शुरुआती लक्षणों को भी न करें नजरअंदाज

 

किन कारणों से बढ़ सकता है जोखिम?

हार्ट से जुड़ी बीमारियों का समय पर इलाज न कराना
गंभीर संक्रमण को नजरअंदाज करना
किडनी या लिवर रोगों की अनदेखी
लंबे समय तक सूजन या इंफ्लेमेशन की समस्याल होना। 

PunjabKesari

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर आपको निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
पेट का अचानक बढ़ना और तेजी से वजन बढ़ना
सांस लेने में दिक्कत और लगातार सीने में दर्द हो। 
पैरों या टखनों में सूजन हो तो समय पर जांच है जरूरी।

हार्ट या पेट में पानी भरना कोई सामान्य समस्या नहीं है। यह अक्सर शरीर में चल रही किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच और उपचार करवाना बेहद जरूरी है।

Related News