
नारी डेस्क : बरसात का मौसम आते ही बाजारों में कई तरह की हरी सब्जियां नजर आने लगती हैं। इन्हीं में से एक है कंटोला, जिसे ककोड़ा, ककौड़ा या स्पाइन गॉर्ड के नाम से भी जाना जाता है। आकार में छोटी और ऊपर से कांटेदार दिखने वाली यह सब्जी खासतौर पर बारिश के मौसम में ज्यादा मिलती है। अपने स्वाद और पोषक गुणों के कारण इसकी मांग भी रहती है। जानें इससे होने वाले फायदे।
फाइबर से भरपूर, पाचन के लिए उपयोगी
कंटोला को पोषक सब्जियों में शामिल किया जाता है। इसमें फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। डाइट में पर्याप्त फाइबर शामिल करने से कब्ज जैसी समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा कंटोला में विटामिन सी समेत कई अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। इसलिए इसे मौसमी हरी सब्जियों के साथ संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

वजन मैनेज करने में मिल सकती है मदद
कंटोला को अपेक्षाकृत कम कैलोरी वाली सब्जी माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। ऐसे में अगर इसे कम तेल-मसाले में पकाकर खाया जाए, तो यह वजन मैनेज करने वाली डाइट का हिस्सा हो सकता है। हालांकि सिर्फ कंटोला खाने से वजन कम नहीं होता, इसके लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर के लिए कितना फायदेमंद?
कंटोला में मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व हृदय के लिए फायदेमंद डाइट का हिस्सा बन सकते हैं। पर्याप्त फाइबर वाला संतुलित आहार कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में मदद कर सकता है। वहीं, सब्जियों से भरपूर संतुलित डाइट ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में सहायक हो सकती है। हालांकि कंटोला को कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इन समस्याओं से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं और डाइट जारी रखनी चाहिए।

जंगलों और खेतों के आसपास भी उगता है ककोड़ा
ककोड़ा की बेल कई जगहों पर जंगलों, झाड़ियों और खेतों के आसपास प्राकृतिक रूप से उगती है। किसान इसकी खेती भी करते हैं। बारिश के मौसम में इसकी बेल पर छोटे-छोटे ककोड़े लगने लगते हैं, जिनकी सब्जी बनाकर खाई जाती है।
100 से 200 रुपये किलो तक बिक रहा कंटोला
इन दिनों कई बाजारों में कंटोला करीब 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। हालांकि गर्मी और उमस के कारण यह सब्जी जल्दी पक सकती है। कई बार बाहर से हरी और ताजी दिखने वाली सब्जी अंदर से पीली या ज्यादा पकी हुई निकल जाती है। ऐसे कंटोले का स्वाद भी अच्छा नहीं रहता। कंटोला खरीदते समय केवल उसका रंग देखकर ही फैसला न करें। ताजा और कच्चा कंटोला आमतौर पर हरा, सख्त और आकार में ज्यादा बड़ा न हो तो बेहतर माना जाता है। बहुत नरम, पीला या ज्यादा पका हुआ कंटोला खरीदने से बचना चाहिए।

जिनकी दवां चल रहीं हो वो डॉक्टर की सलाह से लें
डॉक्टरों के मुताबिक, मौसमी हरी सब्जियों को संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। कंटोला में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर रखने और कब्ज जैसी परेशानी से बचाव में मदद कर सकता है। हालांकि किसी भी एक सब्जी को किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जा सकता। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित डाइट, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम जरूरी है।