
नारी डेस्क : रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और जीवन में खुशहाली की कामना करती हैं। राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और रिश्ते का प्रतीक मानी जाती है। राखी बांधने के बाद कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि इसे कितने दिन तक कलाई पर रखना चाहिए और उतारने के बाद इसका क्या किया जाए। इसे लेकर अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग-अलग परंपराएं देखने को मिलती हैं।
राखी कितने दिन बाद उतारनी चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रक्षाबंधन पर बांधे गए रक्षा सूत्र को कुछ दिनों तक कलाई पर रखना शुभ माना जाता है। कई परिवारों में राखी 3 से 7 दिन तक रखने की परंपरा है। वहीं, कुछ जगहों पर भाई की कलाई पर बंधी राखी जन्माष्टमी तक रखने की परंपरा भी बताई जाती है। जन्माष्टमी के दिन पूजा के बाद राखी उतारी जाती है। हालांकि, राखी उतारने को लेकर कोई एक सार्वभौमिक नियम नहीं है। परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसे अलग-अलग समय पर उतारा जा सकता है।

राखी उतारते समय किन बातों का रखें ध्यान?
मान्यता है कि राखी को सामान्य धागे की तरह इधर-उधर फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक उतारना चाहिए। आप इसे उतारने से पहले भगवान का स्मरण कर सकते हैं और फिर इसे किसी साफ स्थान पर रख सकते हैं। राखी उतारने के बाद इसे कूड़े में फेंकने के बजाय इन तरीकों को अपनाने की धार्मिक परंपरा कुछ जगहों पर देखने को मिलती है।
राखी को किसी साफ और सुरक्षित जगह पर रखें।
प्राकृतिक सामग्री से बनी राखी हो तो उसे घर के बगीचे या साफ मिट्टी वाली जगह पर दबाया जा सकता है।
पूजा सामग्री रखने के लिए निर्धारित निर्माल्य में रखा जा सकता है।
कुछ परंपराओं में राखी का जल में विसर्जन भी किया जाता है, लेकिन पर्यावरण की दृष्टि से इसे खुले जलाशयों में डालने से बचना बेहतर है।
अगर राखी में धातु, प्लास्टिक या अन्य गैर-घुलनशील सामग्री लगी है, तो उसका जल में विसर्जन न करें और स्थानीय कचरा प्रबंधन के अनुसार उसका निपटान करें।

राखी अपने आप टूट जाए तो क्या करें?
अगर राखी अपने आप टूट जाए या किसी कारण से कलाई से खुल जाए तो इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। इसे अपशकुन मानना जरूरी नहीं है। ऐसी स्थिति में राखी को सम्मानपूर्वक हटाकर किसी साफ स्थान पर रख दें। रक्षा सूत्र का मूल भाव भाई की मंगलकामना, प्रेम और सुरक्षा की भावना से जुड़ा है, इसलिए राखी टूटने की घटना को लेकर मन में नकारात्मक विचार रखने की जरूरत नहीं है।
राखी को कूड़े में फेंकना क्यों उचित नहीं माना जाता?
धार्मिक मान्यताओं में राखी को रक्षा सूत्र और शुभ प्रतीक माना जाता है। इसलिए कई परिवार इसे सीधे कूड़ेदान में डालने से बचते हैं और सम्मानपूर्वक रखने या निपटाने की परंपरा का पालन करते हैं। हालांकि, राखी के निपटान का तरीका उसकी सामग्री पर भी निर्भर करता है। प्लास्टिक, ग्लिटर, धातु या सिंथेटिक सामग्री वाली राखी को नदी या तालाब में फेंकना पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है।