
नारी डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बावजूद भी जिन लोगों ने सोना खरीदने का मन बना लिया था उनको भारी झटका लगा है। पीएम मोदी की अपील के 24 घंटे के भीतर ही भारत सरकार ने सोना, प्लैटिनम और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क (customs duties) में भारी बढ़ोतरी कर दी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने का वायदा आज अब तक 5.9% बढ़कर यानी 9058 रुपये बढ़त के साथ 1,62,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले कारोबारी दिन 1,53,442 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। 29 जनवरी को सोना अपने अब तक के उच्चतम स्तर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।
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इसलिए सरकार ने लिया ये फैसला
सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है, जबकि प्लैटिनम पर अब 15.4% शुल्क लगेगा, जो पहले 6.4% था। ये बदलाव सोना और चांदी के डोरे (dore), सिक्के और अन्य संबंधित वस्तुओं पर भी लागू होते हैं। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस कदम का मकसद ऐसे समय में गैर-ज़रूरी आयात को कम करना है, जब भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल के बाज़ारों में उतार-चढ़ाव बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग बाधित हो रहे हैं। कच्चे तेल के एक बड़े आयातक के तौर पर, भारत को बढ़ते चालू खाता घाटे (CAD) और महंगाई के दबाव का ज़्यादा जोखिम उठाना पड़ सकता है, अगर विदेशी मुद्रा के बहिर्प्रवाह (outflows) को सावधानी से नियंत्रित न किया जाए।
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गैर-ज़रूरी आयात को लेकर सरकार चिंतित
वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा- "भारत के विदेशी मुद्रा संसाधनों को कच्चे तेल, उर्वरक, औद्योगिक कच्चा माल, रक्षा ज़रूरतें, महत्वपूर्ण तकनीकें और पूंजीगत सामान जैसे ज़रूरी आयातों के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि कीमती धातुएं, हालांकि सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे मुख्य रूप से उपभोग और निवेश से प्रेरित होती हैं और इनमें काफी ज़्यादा विदेशी मुद्रा खर्च होती है, जबकि इनका औद्योगिक जुड़ाव अपेक्षाकृत सीमित होता है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने तुरंत यह स्पष्ट किया कि यह कदम किसी तरह की रोक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं की पसंद और बाज़ार की लचीलेपन को बनाए रखा जा रहा है।