
नारी डेस्क: भोपाल की पुलिस ने बुधवार को ट्विशा शर्मा के पिता से उनके शव को अपने कब्ज़े में लेने की अपील की। ट्विशा नोएडा की रहने वाली थीं, जिन पर कथित तौर पर दहेज के लिए ज़ुल्म किया गया था और जिनकी पिछले हफ़्ते यहीं मौत हो गई थी। पुलिस ने यह अपील इस आशंका के चलते की है कि जब तक वे दोबारा पोस्टमार्टम की मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहे हैं, तब तक शव सड़ना शुरू हो सकता है। ट्विशा का शव 13 मई को पोस्टमार्टम होने के बाद से ही भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के मुर्दाघर में रखा हुआ है।
12 मई से पड़ा है ट्विशा का शव
AIIMS से मिली जानकारी का हवाला देते हुए पुलिस ने बताया कि शव को ज़्यादा समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसे माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखना ज़रूरी होता है, और यह सुविधा AIIMS भोपाल में उपलब्ध नहीं है। ट्विशा का शव 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उनके ससुराल में मिला था। पुलिस ने एक FIR दर्ज की है, जिसमें उनके पति (पेशे से वकील) समर्थ सिंह और उनकी सास (सेवानिवृत्त जज) गिरिबाला सिंह पर दहेज के लिए हत्या और ज़ुल्म करने का आरोप लगाया गया है। ट्विशा का परिवार, जो मूल रूप से नोएडा का रहने वाला है, ने दहेज के लिए ज़ुल्म और स्थानीय जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए AIIMS दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
परिवार ने की दोबारा पोस्टमार्टम की अपील
पत्र में बताया गया कि ट्विशा के परिवार ने पुलिस कमिश्नर से शव को सुरक्षित रखने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने में मदद करने का अनुरोध किया था। पुलिस ने बताया कि उन्हें दोबारा पोस्टमार्टम कराने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शव कई दिनों से मुर्दाघर में रखा होने के कारण उसके सड़ने की प्रबल संभावना है। इसलिए पुलिस ने नवनिधि शर्मा से जल्द से जल्द शव को अपने कब्ज़े में लेने की अपील की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब एक न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) ट्विशा के परिवार द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग वाली याचिका के संबंध में केस डायरी की जांच करने वाले हैं। मंगलवार को कोर्ट ने पुलिस डायरी तलब की। यह कदम परिवार की उस अर्जी के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने शव को सुरक्षित रखने और दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की थी।