नारी डेस्क: गर्मियों के मौसम में पसीने के कारण शरीर से जरूरी मिनरल्स और पानी तेजी से निकल जाते हैं जिसकी बजह से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की दिक्कत हो जाती है। इस मौसम में अपने शरीर को हाइड्रेट करने के ज्यादातर लोग पानी पीते हैं लेकिन पानी पीना ही पर्याप्त नहीं होता क्योंकि एक तो पानी बेस्वाद होता है और दूसरे इसमें पर्याप्त मिनरल नहीं होते जोकि शरीर को भरी दुपहरी ऊर्जाबान रख सकते हैं। हालांकि कुछ लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं जिनमे केमिकल और आर्टिफीसियल फ्लेवोर्स को मिलाकर एक उम्दा स्वाद तैयार किया जाता है और लोग अपने परिवार और मेहमानों को शौक से कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पिलाते हैं लेकिन इन ड्रिंक्स के लगातार उपयोग से शुगर और पेट सहित अन्य अनेक समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। गर्मियों के मौसम में शरीर को तरोताजा रखने के लिए अनेक हेल्दी ड्रिंक्स उपलब्ध होते हैं जोकि शरीर में पानी की कमी दूर करते हैं और आपको अन्दर से मजबूत भी रखते हैं ।
नारियल का पानी
नारियल पानी प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक पेय है जोकि शरीर को हाइड्रेट करता है जिससे आप उर्जाबान और एक्टिव महसूस करते हैं। यह ना सिर्फ शरीर को ठंडक देता है बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जो ताजगी और ऊर्जा प्रदान करते है। नारियल पानी पीने से थकान और कमजोरी दूर होती है और यह पाचन क्रिया को भी सुधारता है। नारियल पानी दिन के किसी भी समय पिया जा सकता हैए लेकिन आयुर्वेदाचार्य इसे सुबह खाली पेट पीने की सलाह देते हैं ताकि आपको इसका अधिकतम लाभ मिल सके। नारियल पानी में एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी होते हैंए जो स्किन को अंदर से ग्लोइंग बनाने में मददगार है। सुबह खाली पेट एक गिलास नारियल पानी पीने से त्वचा हेल्दी और आकर्षक बनती है । नारियल पानी में फाइबर होता है जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। रोजाना एक गिलास नारियल पानी पीने से पेट को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है । नारियल पानी में 94 प्रतिशत पानी की मात्रा होती है। ये शरीर को जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करता है। गर्मियों के महीने में आउटडोर एक्टिविटीज । स्पोर्ट्स आदि के बाद नारियल पानी का सेवन काफी लाभदायक माना जाता है क्योंकि इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को हाइड्रेटेड और उर्जाबान रखने में मदद करते हैं।

छाछ
गर्मियों में पुदीना छाछ पीने से पेट शांत रहता है और पाचन क्रिया सही रहती है। यह शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन दोनों प्रदान करता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियमए और विटामिन बी 12 जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कमजोरी और थकान को भी दूर करते हैं। छाछ में इलेक्ट्रोलाइट्स तत्व विद्यमान होते हैं जोकि शरीर के वाटर बैलेंस को बनाये रखने में मदद रखते हैं । छाछ में दूध और दही के मुकाबले पानी की मात्रा ज्यादा होती है जबकि फैट और कैलोरी की मात्रा कम होती है। मोनोपौज़ के बाद जिन महिलाओं का स्वभाव चिढ़ चिढ़ा हो जाता है उन्हें निमयित रूप से एक गिलास छाछ का सेवन करना चाहिए।अगर छाछ के खट्टे स्वाद से आप परेशान रहते हों तो इसमें हल्के.फुल्के मसाले और काला नमक मिला कर आप इसे स्वादिष्ट बना लीजिए।
छाछ को दोपहर के खाने के साथ पीना सबसे ज्यादा हितकर माना जाता है। इस समय छाछ पीने से ब्लोटिंग, गैस, एसिडिटी से छुटकारा मिलता है। हम अकसर तला भूना या मसालेदार खाना खाते रहते हैं जिसकी बजह से शरीर के अन्दर का तापमान बढ़ जाता है। छाछ में प्रोबायोटिक्स तत्व मौजूद होते हैं और रोजाना 1 गिलास छाछ पीने से इस समस्या से राहत पाई जा सकती है।
फ्लेवर्ड पानी
फ्लेवर्ड पानी गर्मियों में ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है लेकिन अनेक लोगों को सादे पानी का स्वाद पसन्द नहीं आता जिसकी बजह से बह पानी पीने से कतराते हैं । अगर आप भी उनमें से हैं तो फ्लेवर्ड पानी- आपके लिए बेहतर विकल्प है । फलों से तैयार यह पानी आपके लिए स्वास्थ्यवर्धक हो सकता है। आपको गर्मी से भी बचाएगा और पानी की कमी भी नहीं होने देगा। फ्लेवर्ड पानी बनाने के लिए सादे पानी में ताजे फल , जड़ी बूटियों ,सब्ज़ियों और मसालों आदि का स्वाद मिलाकर इसे स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाया जाता है । पानी को फ्लेवर्ड बनाने से उसमें विटामिन्स और मिनरल्स की मात्रा भी बढ़ जाती है जिससे हम दिन भर उर्जाबान रहते हैं । फ्लेवर्ड पानी के कारण हम कार्बोनेटेड ड्रिंक्स सोडा आदि के सेवन से बचे रहते हैं ।

फ्लेवर्ड वॉटर में कई तरह के फल और जड़ी बूटियों के तत्व मिले होने से यह हेल्दी होता है और अच्छे से डिटॉक्स करता है। लेकिन फ्लेवर्ड वॉटर तब हानिकारक भी हो जाता है, अगर वह बाजार का बोतल बंद फ्लेवर्ड वॉटर है और उसमें जरूरत से ज्यादा कृत्रिम मिठास और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। फ्लेवर्ड वॉटर बनाने के लिए मटके या सुराही में ठण्डा पानी भरें। इसमें पतली कटी हुई फल ,हर्ब्स या मसालों की स्लाइस डालें। इसे कुछ घण्टे या रात्रि भर रेफ्रीजिरेटर में ठण्डा होने दें । अब आपका फ्लेवर वाटर तैयार हो गया है ।
आइस्ड हर्बल चाय
गर्मियां आ गई हैं तो ऐसे में बार बार गरमा.गरम चाय पीना सेहत के लिए नुकसान दायक सावित हो सकता है । ऐसे में आप एंटी.ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर हर्बल चाय ट्राई कर सकते हैं जोकि सेहत और स्वाद दोनों तरफ से बेहतर सावित होगी हर्बल चाय, खासकर मिंट और ग्रीन टी गर्मियों में बहुत फायदेमंद होती है। यह न केवल शरीर को हाइड्रेट करती हैए बल्कि शांति और ताजगी भी देती है। हर्बल चाय में शहद या कम चीनी का उपयोग करें ताकि यह ज्यादा हेल्दी रहे।
हर्बल चाय के साथ साथ आप आइस्ड टी भी उपयोग कर सकते हैं जोकि आपको तरोताजा रखेगी ।आइस्ड टी में हर्बल चाय के अतिरिकत कुछ कूलिंग और रिफ्रेशिंग चीजों को भी शामिल किया जाता है। दिन में एक हर्बल आइस टी के सेवन से उच्च रक्तचत , शुगर और तनाव को नियन्त्रित करने में मदद मिलती है । हर्बल आइस टी तुलसी, दालचीनी, मुलेठी, पुदीना , लौंग , काली मिर्च आदि से बनती है । आप कैमोमाइल, पेपरमिंट, या हिबिस्कस की आइस टी बनाकर भी पी सकते हैं। इससे ना केवल आप अधिक रिलैक्स फील करते हैं बल्कि पाचन के लिए भी इन्हें काफी अच्छा अच्छा माना जाता है।
लेखिका अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौन्दर्य विशेष्ज्ञ है और हर्बल क्वीन के रूप में लोकप्रिय है ।