नारी डेस्क: आजकल थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह बीमारी केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। हालांकि, हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। थायराइड का असर शरीर के मेटाबॉलिज्म, वजन, ऊर्जा स्तर और मानसिक स्वास्थ्य तक पर पड़ सकता है। ऐसे में सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसके प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
थायराइड को पूरी तरह से कैसे कंट्रोल करें
थायराइड का कोई ऐसा घरेलू इलाज नहीं है जो इसे पूरी तरह खत्म कर दे। हालांकि, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधियों और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं की मदद से इसके प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है। सही दिनचर्या अपनाने से थायराइड के कारण होने वाली कई परेशानियों से राहत मिल सकती है।

पत्ता गोभी और सोयाबीन को लेकर फैली हैं कई गलतफहमियां
थायराइड को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलतफहमियां मौजूद हैं। अक्सर यह माना जाता है कि पत्ता गोभी या सोयाबीन खाने से थायराइड बढ़ जाता है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह पूरी तरह सही नहीं है। इन खाद्य पदार्थों का सेवन सामान्य मात्रा में किया जा सकता है। हालांकि, थायराइड की दवा लेने के तुरंत आसपास इनका सेवन करने से थोड़ी समस्या आ सकती है। इसलिए इनके सेवन का समय सही रखना जरूरी है।
सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थ हो सकते हैं फायदेमंद
थायराइड के मरीजों के लिए सेलेनियम एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। ब्राजील नट्स में सेलेनियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो थायराइड हार्मोन के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। यह हार्मोन को सक्रिय करने और थायराइड ग्रंथि के बेहतर कामकाज में भी सहायक माना जाता है। हालांकि, ब्राजील नट्स हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं होते और कीमत भी अपेक्षाकृत अधिक होती है। ऐसे में लोग इसके विकल्प के रूप में अलसी (तीसी) का सेवन कर सकते हैं।
अलसी और नारियल भी हैं उपयोगी
अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में सूजन को कम करने और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा ताजा नारियल का सेवन भी लाभदायक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना लगभग दो इंच ताजा नारियल का टुकड़ा खाने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है।

थायराइड मरीजों के लिए क्यों जरूरी है शारीरिक गतिविधि?
सिर्फ डाइट पर ध्यान देना ही पर्याप्त नहीं है। थायराइड को नियंत्रित रखने के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियां भी बेहद जरूरी हैं। रोजाना टहलना, योग करना या हल्का-फुल्का व्यायाम शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे वजन नियंत्रण में रहता है और हार्मोनल संतुलन भी बेहतर बना रहता है।
महिलाओं को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में हार्मोनल बदलाव अधिक होने के कारण थायराइड की समस्या का खतरा भी ज्यादा रहता है। गर्भावस्था, प्रसव और रजोनिवृत्ति जैसे चरणों में हार्मोन में होने वाले बदलाव थायराइड को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए महिलाओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए और खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
थायराइड में कैसी होनी चाहिए डाइट?
थायराइड के मरीजों को अपने भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां, पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर और पानी को शामिल करना चाहिए। संतुलित और पौष्टिक आहार शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे हार्मोन से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम होता है। इसके साथ ही जंक फूड, अत्यधिक मीठे और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना भी फायदेमंद हो सकता है।