
नारी डेस्क : आजकल फिटनेस का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है और इसका असर बच्चों व किशोरों पर भी देखने को मिल रहा है। कई बार कम उम्र के बच्चे भी जिम जाकर भारी-भरकम वजन उठाने लगते हैं, बिना यह समझे कि इसका उनके शरीर पर क्या असर पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि जिम शुरू करने की सही उम्र और सही तरीका पता हो, ताकि फिटनेस के साथ सेहत भी सुरक्षित रहे।
कम उम्र में जिम जाने के नुकसान
शरीर के प्राकृतिक विकास पर असर पड़ सकता है
मांसपेशियों और हड्डियों में चोट का खतरा बढ़ता है
गलत तरीके से वर्कआउट करने पर ग्रोथ रुक सकती है
थकान, कमजोरी और ओवरस्ट्रेस की समस्या हो सकती है।

सही उम्र में जिम शुरू करने के फायदे
मांसपेशियां मजबूत होती हैं और ताकत बढ़ती है
वजन कंट्रोल में रहता है
शरीर फिट और एक्टिव रहता है
स्ट्रेस और एंग्जायटी कम होती है
हार्ट डिजीज, डायबिटीज और हाई बीपी का खतरा कम होता है।
जिम शुरू करने की सही उम्र क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, जिम शुरू करने की सही उम्र 17 से 18 साल के बाद मानी जाती है। इस उम्र तक शरीर का विकास काफी हद तक हो चुका होता है, जिससे मसल ट्रेनिंग करना सुरक्षित रहता है। इससे पहले बच्चों को आउटडोर खेल, योग, रनिंग और हल्की एक्सरसाइज पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये सभी गतिविधियां शरीर के प्राकृतिक विकास में मदद करती हैं और फिटनेस को सुरक्षित तरीके से बेहतर बनाती हैं।

जिम जाते समय इन बातों का रखें ध्यान
हमेशा ट्रेनर की देखरेख में ही वर्कआउट करें
धीरे-धीरे वजन बढ़ाएं, जल्दबाजी न करें
संतुलित डाइट लें (प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स)
केमिकल सप्लीमेंट्स से बचें
शरीर को पर्याप्त आराम दें।
फिट रहना जरूरी है, लेकिन सही उम्र और सही तरीके से। कम उम्र में जिम शुरू करना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए पहले शरीर को प्राकृतिक तरीके से मजबूत बनाएं और सही समय आने पर ही जिम जॉइन करें।