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नाक बंद और गले में खराश को न समझें मामूली सर्दी, हो सकता है HMPV वायरस का खतरा

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 29 Mar, 2026 10:32 AM
नाक बंद और गले में खराश को न समझें मामूली सर्दी, हो सकता है HMPV वायरस का खतरा

 नारी डेस्क:  मौसम बदलते ही सर्दी-खांसी और फ्लू जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में कई बार हम नाक बंद होना, गले में खराश या हल्की खांसी को मामूली सर्दी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार यह सिर्फ साधारण सर्दी नहीं होती। कुछ मामलों में यह ह्यूमन मेटाप्न्यूमोवायरस (HMPV) नाम के वायरस का संकेत भी हो सकता है, जो धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकता है।

क्या है HMPV वायरस?

ह्यूमन मेटाप्न्यूमोवायरस (HMPV) एक श्वसन (सांस से जुड़ा) वायरस है, जिसकी पहचान पहली बार साल 2001 में की गई थी। यह वायरस फेफड़ों और सांस की नलियों को प्रभावित करता है। इसके लक्षण काफी हद तक फ्लू या RSV (Respiratory Syncytial Virus) जैसे होते हैं, इसलिए इसे पहचानना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।

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कैसे फैलता है यह वायरस?

HMPV भी अन्य सर्दी-खांसी वाले वायरस की तरह बहुत आसानी से फैलता है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो उसकी बूंदों के जरिए यह वायरस हवा में फैल जाता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, जैसे हाथ मिलाने या गले मिलने से भी संक्रमण हो सकता है। किसी संक्रमित सतह (जैसे दरवाजे का हैंडल, मोबाइल आदि) को छूने के बाद यदि आप अपना चेहरा छूते हैं, तो वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसी वजह से हाथों की सफाई और सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है।

कब ज्यादा सक्रिय होता है HMPV?

यह वायरस आमतौर पर फ्लू सीजन के बाद ज्यादा सक्रिय होता है। जहां फ्लू का असर सर्दियों में ज्यादा होता है वहीं HMPV के मामले अक्सर मार्च के अंत से लेकर अप्रैल तक बढ़ने लगते हैं यानी जब लोग सोचते हैं कि अब बीमारी का खतरा कम हो गया है, उसी समय यह वायरस धीरे-धीरे फैलना शुरू करता है।

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इसके लक्षण क्या हैं?

HMPV के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही होते हैं, इसलिए लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। इसके प्रमुख लक्षण हैं:

नाक बंद या बहना

गले में खराश

खांसी

बुखार

छाती में जकड़न

सांस लेने में हल्की दिक्कत

कुछ मामलों में यह संक्रमण बढ़कर ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसी गंभीर स्थिति भी पैदा कर सकता है।

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किन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है?

हालांकि यह वायरस किसी को भी संक्रमित कर सकता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह ज्यादा जोखिम भरा होता है

छोटे बच्चे

बुजुर्ग

कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग

अस्थमा या अन्य सांस की बीमारी से पीड़ित मरीज

लंबे समय से स्टेरॉयड लेने वाले लोग

 कैंसर के मरीज

इन लोगों में संक्रमण तेजी से गंभीर हो सकता है, इसलिए इन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

क्या है इसका इलाज?

फिलहाल HMPV के लिए कोई खास एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। इसका इलाज लक्षणों के आधार पर ही किया जाता है:

ज्यादा से ज्यादा आराम करें

शरीर को हाइड्रेट रखें (पानी, सूप आदि लें)

बुखार या दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह से दवा लें

जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच करवाएं

अगर लक्षण ज्यादा गंभीर हो जाएं, जैसे सांस लेने में परेशानी या तेज बुखार, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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कैसे करें बचाव?

बार-बार हाथ धोएं

खांसते-छींकते समय मुंह ढकें

भीड़-भाड़ वाली जगहों में सावधानी रखें

बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखें

चेहरे को बार-बार छूने से बचें

HMPV एक ऐसा वायरस है, जिसे अक्सर लोग सामान्य सर्दी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन सही समय पर पहचान और सावधानी से इसके गंभीर असर से बचा जा सकता है। अगर आपको लंबे समय तक सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण बने रहें, तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी समस्या में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।  

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