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असली Silk Saree  खरीदना अब नहीं होगा मुश्किल, इन आसान Tips से मिनटों में करें पहचान

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 27 May, 2026 12:19 PM
असली Silk Saree  खरीदना अब नहीं होगा मुश्किल, इन आसान Tips से मिनटों में करें पहचान

नारी डेस्क: सिल्क साड़ी का नाम आते ही सबसे पहले रॉयल लुक, खूबसूरती और एलिगेंस का ख्याल आता है। शादी-ब्याह हो, त्योहार हो या कोई खास फंक्शन, सिल्क साड़ी हर मौके पर महिलाओं की पहली पसंद बन जाती है। लेकिन आजकल बाजार में असली और नकली सिल्क के बीच फर्क करना इतना आसान नहीं रह गया है। कई बार लोग हजारों रुपये खर्च करके साड़ी खरीद लेते हैं और बाद में पता चलता है कि वह प्योर सिल्क नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल फैब्रिक है। अगर आप भी सिल्क साड़ी खरीदने का सोच रही हैं, तो कुछ आसान ट्रिक्स आपकी बड़ी मदद कर सकती हैं। इन छोटे-छोटे टेस्ट्स की मदद से आप बिना एक्सपर्ट बने भी असली और नकली सिल्क की पहचान कर सकती हैं।

बर्निंग टेस्ट से करें पहचान

असली सिल्क की पहचान करने का सबसे पुराना और भरोसेमंद तरीका बर्निंग टेस्ट माना जाता है। इसके लिए साड़ी के किनारे से एक छोटा सा धागा निकालकर जलाया जाता है। अगर धागा जलने पर बाल जलने जैसी गंध आए और राख काली होकर आसानी से टूट जाए, तो समझिए सिल्क असली है। वहीं अगर धागा प्लास्टिक की तरह पिघलकर सख्त गांठ बन जाए, तो वह नकली सिल्क हो सकती है।

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हथेलियों से रगड़कर देखें

असली सिल्क नेचुरल फाइबर होता है, इसलिए उसे हथेलियों के बीच रगड़ने पर हल्की गर्माहट महसूस होती है। वहीं नकली या सिंथेटिक सिल्क ठंडी ही रहती है। यह तरीका बेहद आसान है और खरीदारी के समय तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है।

रिंग टेस्ट भी आता है काम

हल्की सिल्क साड़ियों में रिंग टेस्ट काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए साड़ी के एक हिस्से को अंगूठी के बीच से निकालकर देखें। असली सिल्क बेहद मुलायम और फ्लोई होती है, इसलिए वह आसानी से निकल जाती है। नकली सिल्क अक्सर फंस जाती है या ठीक से मूव नहीं करती।

चमक देखकर भी समझ सकते हैं फर्क

असली सिल्क की चमक बहुत नैचुरल और सॉफ्ट होती है। इसे अलग-अलग एंगल से देखने पर रंग थोड़ा बदलता हुआ महसूस होता है। वहीं नकली सिल्क की चमक एक जैसी और ज्यादा तेज दिखती है, जो कई बार प्लास्टिक जैसी लगती है।

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जरी का काम भी बताता है सच्चाई

अगर साड़ी पर जरी का काम है तो उसे पीछे से ध्यान से देखें। हैंडलूम या असली सिल्क में जरी का काम साफ और बारीक नजर आता है। वहीं मशीन से बनी नकली साड़ियों में धागे ज्यादा उभरे हुए या खुरदरे दिख सकते हैं।

बहुत कम कीमत से हो जाएं सावधान

प्योर सिल्क तैयार करने में काफी मेहनत और समय लगता है। ऐसे में अगर कोई बेहद कम कीमत में बनारसी या कांजीवरम सिल्क देने की बात करे, तो थोड़ा सतर्क हो जाना चाहिए। अच्छी क्वालिटी की सिल्क साड़ी की कीमत हमेशा थोड़ी ज्यादा होती है।

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टेक्सचर से पहचानें असली सिल्क

असली सिल्क को छूने पर बेहद सॉफ्ट और स्मूद एहसास होता है। इसे हाथ में लेने पर इसका फैब्रिक हल्का और फ्लोई लगता है। नकली सिल्क कई बार थोड़ा सख्त या प्लास्टिक जैसा महसूस हो सकता है।

बुनाई की बारीकी पर दें ध्यान

हैंडलूम सिल्क साड़ियों में बुनाई की हल्की असमानता दिखाई दे सकती है, जो उनकी खूबसूरती मानी जाती है। वहीं मशीन से बनी नकली साड़ियों में पैटर्न बिल्कुल एक जैसे और जरूरत से ज्यादा परफेक्ट दिखाई देते हैं।

पानी की बूंद से भी हो सकती है पहचान

साड़ी के किसी छोटे हिस्से पर पानी की एक बूंद डालें। असली सिल्क पानी को जल्दी सोख लेती है, जबकि सिंथेटिक फैब्रिक पर पानी देर तक ऊपर ही टिका रहता है।

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खरीदारी करते समय रखें इन बातों का ध्यान

सिल्क साड़ी खरीदते समय सिर्फ रंग और डिजाइन देखकर फैसला न लें। फैब्रिक को महसूस करें, उसकी चमक और टेक्सचर को ध्यान से देखें और हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही खरीदारी करें। अगर संभव हो तो सिल्क मार्क टैग जरूर चेक करें, क्योंकि यह असली सिल्क की पहचान माना जाता है। थोड़ी सी समझदारी और सही जानकारी आपको नकली सिल्क पर पैसे खर्च करने से बचा सकती है। अगली बार जब भी सिल्क साड़ी खरीदने जाएं, तो इन आसान ट्रिक्स को जरूर याद रखें।.
 
 
 
 

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