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Nari

कैसे पहचानें आपको वायरल हुआ है या डेंगू? बुखार के साथ सिरदर्द हो तो करवा लो टेस्ट

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 07 Jul, 2026 11:54 AM
कैसे पहचानें आपको वायरल हुआ है या डेंगू? बुखार के साथ सिरदर्द हो तो करवा लो टेस्ट

नारी डेस्क:  भीषण गर्मी के बाद मॉनसून का इंतजार रहता है क्योंकि यह राहत लेकर आता है। लेकिन ज़्यादा पसीना, बारिश, मच्छरों का पनपना और तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ-साथ यह सेहत से जुड़ी जानी-पहचानी चिंताएं भी साथ लाता है। सबसे आम समस्याओं में से एक है अचानक बुखार आना। मुश्किल बात यह है कि बुखार के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि यह सामान्य वायरल बुखार है या डेंगू। इसीलिए बारिश के मौसम में समय पर जांच और सही पहचान बहुत ज़रूरी है।
 

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समय रहते करें पहचान

डॉक्टर बताते हैं कि वायरल बुखार  और डेंगू  के शुरुआत में लक्षण एक जैसे ही होते हैं लेकिन अगर समय रहते इनके बीच का फर्क पता चल जाए, तो मरीजों को सही समय पर बीमारी का पता चलने और इलाज मिलने में मदद मिल सकती है, साथ ही बेवजह घबराहट से भी बचा जा सकता है। दूसरे आम वायरस के मुकाबले डेंगू एक खतरनाक बीमारी हो सकती है, अगर इसका समय रहते इलाज ना किया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। 


डेंगू के ये हैं लक्षण

डेंगू की पहचान इसके खास लक्षणों से होती है, जैसे तेज़ बुखार के साथ ज़बरदस्त सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, त्वचा पर चकत्ते वगैरह। कुछ मामलों में मरीजों को मसूड़ों और नाक से खून आना, शरीर पर नीले-काले निशान पड़ना और पेट में तेज़ दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। मॉनसून के दौरान अगर किसी को बुखार हो, तो उसे इसे गंभीरता से लेना चाहिए और डॉक्टर को दिखाना चाहिए ताकि पता चल सके कि यह वायरल बुखार है या डेंगू। बुखार के शुरुआती दिनों में NS1 एंटीजन टेस्ट कराने से डेंगू का सही तरीके से पता लगाने में मदद मिल सकती है।
 

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 दस दिन बाद दिखते हैं खतरे के निशान

डेंगू को ठीक करने के लिए कोई एंटीवायरल दवा नहीं है, लेकिन सही समय पर पहचान, बचाव और सही इलाज बहुत जरूरी हैं। संक्रमित मच्छर के काटने के चार से दस दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं। एक बात जो लोगों को चौंका देती है, वह यह है कि ज़्यादातर मामलों में शुरुआत में बीमारी खतरनाक नहीं लगती। लेकिन बीस में से लगभग एक मामला गंभीर संक्रमण में बदल सकता है, जो एक असली मेडिकल इमरजेंसी बन जाता है। इसे इलाज में केवल सहायक देखभाल शामिल है  जैसे बेड रेस्ट, शरीर में पानी की कमी न होने देना (हाइड्रेशन) और बुखार के लिए पैरासिटामोल। 

नोट: किसी भी मेडिकल कंडीशन का खुद से इलाज करने की बजाय अपने डॉक्टर की सलाह लें।

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