
नारी डेस्क : बारिश और उमस के मौसम में कूलर का इस्तेमाल तो राहत देता है, लेकिन अगर उसके टैंक में कई दिनों तक पानी जमा रहे, तो यह डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने की जगह बन सकता है। ऐसे में कूलर की नियमित सफाई और समय पर पानी बदलना बेहद जरूरी है। कुछ आसान उपाय अपनाकर आप मच्छरों के लार्वा को बढ़ने से रोक सकते हैं और अपने परिवार को डेंगू जैसी बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं।
कितने दिन में बदलना चाहिए कूलर का पानी?
कूलर के टैंक का पानी हर 3 से 5 दिन में जरूर बदलें। अगर कूलर लगातार चल रहा है, तो बेहतर होगा कि हर 2 से 3 दिन में पानी बदल दिया जाए। इससे मच्छरों के अंडे और लार्वा पनपने का खतरा काफी कम हो जाता है।

कूलर की सफाई कैसे करें?
सबसे पहले कूलर बंद करें: सफाई शुरू करने से पहले कूलर का स्विच बंद करें और प्लग निकाल दें, ताकि किसी तरह का इलेक्ट्रिक खतरा न रहे। इसके बाद टैंक में जमा पूरा पानी निकाल दें।
टैंक को अच्छी तरह धोएं: टैंक को गर्म पानी और हल्के डिटर्जेंट या साबुन की मदद से अच्छी तरह साफ करें। टैंक की दीवारों और तली पर जमी धूल, काई और चिकनाई को पूरी तरह हटाएं।
कोनों की सफाई के लिए ब्रश का इस्तेमाल करें: कूलर के कोनों में अक्सर गंदगी और मच्छरों के लार्वा छिपे रह सकते हैं। ऐसे में ब्रश की मदद से हर कोने को अच्छी तरह रगड़कर साफ करें।
नीम या हल्के कीटाणुनाशक घोल का इस्तेमाल करें: सफाई के दौरान आप नीम के पत्तों का पानी या हल्का कीटाणुनाशक घोल (जैसे निर्देशानुसार तैयार किया गया डिसइन्फेक्टेंट) इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे बैक्टीरिया और गंदगी कम करने में मदद मिलती है।
धूप में अच्छी तरह सुखाएं: सफाई के बाद कूलर के टैंक को कुछ समय के लिए धूप में खुला छोड़ दें, ताकि वह पूरी तरह सूख जाए। सूखे टैंक में बैक्टीरिया और फफूंद पनपने की संभावना कम रहती है।

इन बातों का भी रखें ध्यान
कूलर का पानी लंबे समय तक जमा न रहने दें।
अगर कूलर कई दिनों तक इस्तेमाल नहीं करना है, तो टैंक पूरी तरह खाली कर दें।
कूलर के आसपास पानी जमा न होने दें।
समय-समय पर कूलिंग पैड और फिल्टर की भी सफाई करें।
ध्यान दें: डेंगू से बचाव के लिए केवल कूलर की सफाई ही नहीं, बल्कि घर के आसपास किसी भी बर्तन, गमले या टायर में पानी जमा न होने देना भी जरूरी है।