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हिंदू घर में जन्म, मुस्लिम के यहां पालन-पोषण, बहन की इज्जत पर सवाल उठा तो भाई ने लगा दी जान की बाज़ी

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 11 Sep, 2025 12:34 PM
हिंदू घर में जन्म, मुस्लिम के यहां पालन-पोषण, बहन की इज्जत पर सवाल उठा तो भाई ने लगा दी जान की बाज़ी

 नारी डेस्क: लखनऊ में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जिसने हर किसी को झकझोर दिया। समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर एक युवक ने खुद को आग लगाने की कोशिश की। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने समय रहते उसे बचा लिया, लेकिन वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। यह कहानी सिर्फ आत्मदाह की नहीं, बल्कि इंसानियत, रिश्तों और न्याय की गुहार की मिसाल बन गई है।

जब रिश्ता खून से नहीं, दिल से बना हो

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की रहने वाली समा और उसके मुंह बोले भाई योगेश गोस्वामी का रिश्ता समाज को इंसानियत का आईना दिखाता है। योगेश का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था, लेकिन बचपन में ही समा की मां ने उसे गोद लिया और मुस्लिम घर में पालन-पोषण किया।

उन्होंने योगेश को बेटे की तरह पाला, और समा को भाई मिला। समय के साथ दोनों के बीच का रिश्ता इतना मजबूत हो गया कि जब समा की इज्जत पर सवाल उठे, तो योगेश चुप नहीं बैठा – उसने अपनी जान की बाजी लगा दी।

योगेश के मुताबिक, अलीगढ़ के ठेकेदार समीम, फहीम और एक अन्य व्यक्ति ने उसकी बहन समा के साथ छेड़छाड़ की और 6 लाख रुपये की ठगी भी की। परिवार ने कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। योगेश ने मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक गुहार लगाई, फिर भी इंसाफ नहीं मिला। थक-हारकर, उसने समाजवादी पार्टी कार्यालय का दरवाज़ा खटखटाया। वहां भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उसने आखिरी कदम उठाया।

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लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश, अस्पताल में भर्ती

बुधवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय के बाहर, योगेश ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा दी। उस वक्त सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी दफ्तर में मौजूद थे। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। लोगों और पुलिस ने मिलकर आग बुझाई और योगेश को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

अखिलेश यादव का बयान

इस घटना पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा निर्मम भाजपा सरकार से हताश होकर एक युवा ने आत्मदाह की कोशिश की है, जो बेहद दुखद है। सरकार को चाहिए कि घायल युवक को बेहतर इलाज मिले और उसे न्याय मिले। आज की सरकार नाइंसाफी और निराशा की पहचान बन चुकी है।”

पुलिस का क्या कहना है?

इस मामले में लखनऊ के डीसीपी आशीष श्रीवास्तव ने बयान दिया कि योगेश गोस्वामी ने पैसे के लेन-देन के विवाद में आत्मदाह की कोशिश की है। जो तहरीर पुलिस को दी गई है, उसमें छेड़छाड़ का जिक्र नहीं है, सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी की बात कही गई है।”

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ये सिर्फ आत्मदाह नहीं, न्याय की गुहार है

योगेश का यह कदम सिर्फ एक भाई का गुस्सा नहीं, बल्कि उस आम आदमी की लाचारी भी है जो न्याय की उम्मीद में दर-दर भटकता है। जब सिस्टम चुप हो जाता है, जब इंसाफ नहीं मिलता, तो लोग खुद को आग में झोंककर भी सच बोलना चाहते हैं। यह घटना सिर्फ योगेश की नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की कहानी है, जो अपनों के लिए लड़ता है और अकेला पड़ जाता है।
 
समा और योगेश की कहानी दिखाती है कि धर्म और जाति से ऊपर उठकर भी रिश्ते बनते हैं, और उनमें इतना दम होता है कि इंस  

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