
नारी डेस्क: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कहा कि उसने महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की एक BPO यूनिट में कर्मचारियों के कथित यौन उत्पीड़न की घटनाओं की जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई है। महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस में काम करने वाली आठ महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उनके दफ़्तर में उन्हें धमकाया गया, यौन शोषण किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। अब तक इस मामले में कुल 9 एफ़आईआर दर्ज किए जा चुके हैं।
HR थी मास्टरमाइंड
मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम (SIT) ने बताया कि TCS ब्रांच में नासिक उत्पीड़न मामले के आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ितों की बार-बार की गई शिकायतों को नज़रअंदाज़ किया और उन्हें कंपनी के आला अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, HR मैनेजर निदा खान कथित 'मास्टरमाइंड' हैं, जिन्होंने शिकायत को दबाने और कथित तौर पर आरोपी को बचाने की कोशिश की। जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों के बीच हुए लगभग 78 'संदिग्ध' कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट बरामद किए। पुलिस को संभावित वित्तीय लेन-देन के सबूत भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, HR मैनेजर ने पीड़ितों से बार-बार कहा कि वे इस मामले को छोड़ दें, और ऑफिस में POSH (यौन उत्पीड़न की रोकथाम) समिति की सदस्य होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
2021 से चल रहा था ये सब
महिलाओं ने यौन शोषण, शादी का झांसा देकर संबंध बनाने, धोखाधड़ी और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप लगाए हैं। इस मामले में एक महिला समेत कुल 7 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि एक महिला अभियुक्त फ़रार बताई जा रही हैं। एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। नासिक कार्यालय के एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ने बताया कि वे कहते थे- 'जाओ, हिंदू लड़कियों को फंसाओ, अपनी गर्लफ्रेंड बनाओ और उनसे शादी करो।' वे कहते थे -'अपना धर्म बदल लो' और अपने धर्म के बारे में बातें करते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें पैसे भी दिए जाते थे। यह 2021 से चल रहा था। जिन कर्मचारियों को गिरफ़्तार किया गया है और जिन्हें बाद में निलंबित कर दिया गया है, उनकी पहचान दानिश शेख, तौसीफ़ अत्तार, रज़ा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफ़ी शेख, आसिफ़ आफ़ताब अंसारी और HR मैनेजर निदा खान के रूप में हुई है।
कंपनी ने इस घटना पर जताया दुख
TCS नासिक ब्रांच में महिला कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कॉल और ईमेल रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के बाद आरोपियों के बीच "सांठगांठ" की संभावना की भी जांच कर रही है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी एक अंदरूनी जांच का आदेश दिया है, और इन आरोपों को "बेहद चिंताजनक और दुखद" बताया है। बयान में कहा गया है-"टाटा ग्रुप अपने कर्मचारियों द्वारा किसी भी तरह के ज़ोर-ज़बरदस्ती या गलत व्यवहार के प्रति 'ज़ीरो-टॉलरेंस' (बिल्कुल बर्दाश्त न करने की) की नीति अपनाता है।" जांच के दौरान, पुलिस ने 40 से ज़्यादा CCTV फुटेज देखे हैं और पीड़ितों तथा आरोपियों के बयान दर्ज कर रही है। आरोपियों में से एक को पकड़ने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की मदद से एक गुप्त ऑपरेशन भी चलाया गया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये घटनाएं 2022 और 2026 के बीच हुई बताई जा रही हैं। जांच अभी भी जारी है, और अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की पूरी तरह से जांच की जा रही है, जिसके बाद ही अंतिम नतीजे निकाले जाएंगे।