
नारी डेस्क: दिल्ली के पीतमपुरा की 30 वर्षीय महिला जो अपनी तीन छोटी बेटियों के पास घर पहुंचने के लिए बेताब थी, बताती है कि सरस्वती विहार बस स्टॉप पर पूछे गए एक सीधे-सादे सवाल ने उसकी उस रात की पूरी दिशा ही बदल दी। आधी रात के बाद बस स्टैंड पर अकेली खड़ी, वह एक प्राइवेट बस के पास गई, बस उसमें बैठे एक आदमी से समय पूछने के लिए। पुलिस ने बताया कि कुछ ही मिनटों बाद, चलती गाड़ी के अंदर दो आदमियों ने कथित तौर पर उसके साथ गैंगरेप किया।
मजबूरी में गई थी सुल्तानपुरी
महिला ने पुलिस को बताया कि वह उस दिन पहले अपने भाई के घर सुल्तानपुरी गई थी, ताकि घर बदलने में उसकी मदद कर सके। देर रात घर लौटते समय उसे आउटर रिंग रोड पर सरस्वती विहार तक के लिए एक ई-रिक्शा मिल गया। महिला ने कहा- “मैं बस स्टॉप पर खड़ी थी तभी यह प्राइवेट बस आकर रुकी। मैंने बस के अंदर खड़े एक आदमी से पूछा कि उस समय क्या समय हुआ था। उसने मुझसे बस के अंदर आकर उससे बात करने को कहा। इसलिए मैं बस में चढ़ गई,” ।
महिला बार- बार छोड़ने की लगाती रही गुहार
पुलिस के अनुसार, उसके बस में कदम रखते ही बस चल पड़ी। आरोप है कि उस व्यक्ति ने उसे बस के पिछले हिस्से की ओर धकेल दिया और चलती बस में ही उसके साथ बलात्कार किया। महिला ने बताया कि उसने आरोपी से बार-बार गुहार लगाई कि उसे जाने दिया जाए। महिला ने बताया- "मैंने उनसे कहा कि मैं आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करूंगी, कृपया मुझे जाने दें। घर पर मेरे तीन बच्चे मेरा इंतज़ार कर रहे हैं,"। उसने आगे आरोप लगाया कि जब बस नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तो गाड़ी रोक दी गई और ड्राइवर ने भी उसके साथ बलात्कार किया।
आरोपियों की हुई पहचान
महिला ने बताया- "जब वे नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे, तो उन्होंने बस रोक दी और फिर ड्राइवर ने भी मेरे साथ बलात्कार किया"। हमले के बाद उसने बताया कि वह उन आदमियों से उसे छोड़ देने की लगातार मिन्नतें करती रही। पुलिस ने आरोपियों की पहचान उमेश कुमार और रामेंद्र कुमार के रूप में की है, दोनों की उम्र 30 साल के आस-पास है और वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। अधिकारियों ने बताया कि दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांचकर्ताओं ने बताया कि जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक रामेंद्र कथित तौर पर दो-तीन अन्य लोगों के साथ वहां से फरार हो चुका था, जबकि उमेश अभी भी वहीं मौजूद था।