नारी डेस्क: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और उससे मची तबाही के बाद एक्ट्रेस मनीषा कोइराला ने देश के लिए चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मनीषा भावुक नजर आईं और उन्होंने दुनिया से नेपाल के साथ खड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नेपाल को सिर्फ आपदा से जूझते देश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उसकी खूबसूरती, संस्कृति और पर्यटन को भी पहचान मिलनी चाहिए।
भारत, चीन और नेपाल साथ मिलकर करें काम
मनीषा कोइराला ने रविवार को काठमांडू में सद्गुरु के ‘इन सॉलिडैरिटी विद नेपाल’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नेपाल में आई आपदा और ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते असर पर बात की। उन्होंने भारत, चीन और नेपाल से मिलकर काम करने की अपील की। मनीषा ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग कोई दूर की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर अब सामने दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक तीनों पड़ोसी देशों को साथ आकर भविष्य में ऐसी आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए।
‘हमें लोगों की मदद चाहिए, हमें टूरिज्म चाहिए’
मनीषा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से नेपाल की मदद करने के साथ-साथ वहां दोबारा घूमने आने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यटन नेपाल की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की आजीविका के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
एक्ट्रेस ने कहा कि नेपाल को केवल आपदाओं और मुश्किलों से जूझते देश के तौर पर नहीं जाना जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से नेपाल के खूबसूरत मौसम, हिमालय, प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं को देखने के लिए दोबारा देश की यात्रा करने की अपील की। उनके मुताबिक, मुश्किल समय में पर्यटन को जारी रखना भी नेपाल की मदद करने का एक तरीका है।
‘ग्लोबल वार्मिंग सच है’
कार्यक्रम में मनीषा ने जलवायु परिवर्तन को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि नेपाल, भारत और चीन भौगोलिक और पर्यावरणीय रूप से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए इस तरह की आपदाओं से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने इंसानियत और पड़ोसी धर्म की बात करते हुए कहा कि जिस तरह हम चाहते हैं कि मुश्किल समय में दूसरे हमारी मदद करें, उसी तरह हमें भी दूसरों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
नेपाल में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पहाड़ी इलाके में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद बड़े पैमाने पर तबाही हुई। बाढ़ और भूस्खलन ने सड़कों, पुलों और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया। राहत और बचाव अभियान भी खराब मौसम और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण प्रभावित हुए। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल और तिब्बत में इस आपदा में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अलग-अलग समय पर जारी आंकड़ों में बदलाव हुआ है क्योंकि बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में खोज अभियान चला रहे हैं।

149 भारतीय नागरिकों को कराया गया सुरक्षित
भारत ने भी नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया है। विदेश मंत्रालय ने 29 अगस्त को बताया था कि नेपाल में 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी थी और बचाए गए लोगों की सूची भी साझा की थी। बाढ़ के कारण कई इलाकों में संपर्क और सड़क मार्ग बाधित होने से बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आईं। इसके बावजूद भारतीय और नेपाली एजेंसियां प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हुई हैं।
मनीषा के लिए नेपाल सिर्फ एक देश नहीं
मनीषा कोइराला का नेपाल से गहरा जुड़ाव रहा है। वह नेपाली अभिनेत्री हैं और उन्होंने हिंदी सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। 1989 में नेपाली फिल्म ‘फेरी भेटौला’ से उन्होंने अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद 1991 में ‘सौदागर’ के जरिए हिंदी फिल्मों में कदम रखा। 90 के दशक में उन्होंने ‘1942: ए लव स्टोरी’, ‘बॉम्बे’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘दिल से..’, ‘मन’ और ‘गुप्त: द हिडन ट्रुथ’ जैसी फिल्मों में काम कर दर्शकों के बीच अपनी खास जगह बनाई। हाल के वर्षों में वह संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ में भी नजर आई थीं।
नेपाल में आई इस आपदा के बीच मनीषा की अपील सिर्फ एक सेलिब्रिटी की अपील नहीं, बल्कि अपने देश के लिए चिंता और उम्मीद से जुड़ी आवाज के तौर पर सामने आई है। वह चाहती हैं कि मुश्किल दौर से गुजर रहा नेपाल जल्द संभले और दुनिया एक बार फिर उसे उसकी प्राकृतिक खूबसूरती, संस्कृति और पर्यटन के लिए पहचाने।