
नारी डेस्क: अभिनेत्री रानी मुखर्जी पर दुखाें का पहाड़ टूटा है, उनकी मां कृष्णा मुखर्जी ने 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। परिवार ने इस खबर की पुष्टि करते हुए एक बयान जारी किया। रानी ने कई बार अपनी मां के साथ अपने करीबी रिश्ते और उनके करियर को संवारने में उनकी अहम भूमिका के बारे में बात की है। एक वक्त ऐसा था जब उन्होंने प्रोड्यूसर को रानी मुखर्जी को लीड में ना लेने की सलाह दी थी।

2025 के एक इंटरव्यू में रानी मुखर्जी ने बताया कि अपनी पहली फ़िल्म 'राजा की आएगी बारात' (1996) के लिए स्क्रीन टेस्ट देखने के बाद उनकी मां का क्या रिएक्शन था। उन्होंने बताया था कि वैसे तो उनकी मां ने शुरू में उन्हें एक्टिंग आज़माने के लिए प्रोत्साहित किया था, लेकिन स्क्रीन पर जो उन्होंने देखा उससे वे बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हुईं और उन्होंने अपनी राय बताने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई। यहां तक कि कृष्णा ने फ़िल्म के प्रोड्यूसर को रानी को लीड रोल में न लेने की सलाह भी दी थी।

ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा- "मेरी मां के लिए यह ऐसा था कि 'तुम इसे करके देखो और देखो कि कैसा होता है।' हालांकि मेरे पहले स्क्रीन टेस्ट के बाद, उन्हें मेरा काम इतना बुरा लगा कि उन्होंने प्रोड्यूसर से कहा- 'मुझे लगता है कि मेरी बेटी को लेकर आप अपनी फ़िल्म बर्बाद कर देंगे। आपको नुकसान होगा बेहतर होगा कि आप उसे न लें।' क्योंकि प्रोड्यूसर मुझे साइन करने के लिए बहुत उत्सुक थे, सलीम अंकल ('राजा की आएगी बारात' के प्रोड्यूसर)... लेकिन मेरी मां इतनी समझदार थीं कि वे समझ गईं कि मैं अच्छा काम नहीं कर रही थी। इसलिए उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि आपको उसे लेना चाहिए'।"

जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि कृष्णा मुखर्जी एक प्लेबैक सिंगर थीं और बंगाली फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़ी थीं। उन्हें 1982 की फ़िल्म 'तीसरी आंख' का गाना 'ईद के दिन गले मिल ले राजा' गाने के लिए सबसे ज़्यादा जाना जाता था। कृष्णा मुखर्जी की हिचकिचाहट के बावजूद, रानी का करियर तेज़ी से आगे बढ़ा। 'राजा की आएगी बारात' से डेब्यू करने के बाद, उन्होंने 'गुलाम' में आमिर खान के साथ काम किया। इसके बाद वह करण जौहर की पहली डायरेक्टोरियल फ़िल्म 'कुछ कुछ होता है' में शाहरुख खान और काजोल के साथ नज़र आईं। यह फ़िल्म अपने समय की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्मों में से एक बनी। इस फिल्म के बाद रानी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।