
नारी डेस्क : वृंदावन की गलियों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी से जुड़ी ऐसी कई परंपराएं हैं, जिनमें साधारण चीजें भी भक्ति का खास रूप ले लेती हैं। इन्हीं में से एक है अरबी की सब्जी। देखने में बिल्कुल साधारण और स्वाद में भी सामान्य लगने वाली यह सब्जी राधा रानी की प्रिय मानी जाती है। भक्तों के बीच ऐसी मान्यता है कि लाड़ली जी को अरबी का भोग अर्पित किया जाता है और प्रेम से बनाया गया यह प्रसाद भक्तों के लिए खास महत्व रखता है।
राधा रानी को प्रिय है अरबी की सब्जी
भक्ति परंपरा में अरबी की सब्जी को राधा रानी यानी किशोरी जी से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि लाड़ली जी को अरबी का भोग लगाया जाता है। यही वजह है कि राधाष्टमी के आसपास वृंदावन में इस सब्जी का विशेष महत्व देखने को मिलता है। वृंदावन के तात्या स्थान जैसे धार्मिक स्थलों पर भी अरबी की सब्जी बनाए जाने की परंपरा बताई जाती है। यहां इसे सिर्फ एक सामान्य सब्जी के तौर पर नहीं, बल्कि श्रद्धा और प्रेम से तैयार किए गए प्रसाद के रूप में देखा जाता है।

सादा स्वाद, लेकिन भक्ति से बढ़ जाता है महत्व
अरबी ऐसी सब्जी है जिसे हर कोई पसंद करे, ऐसा जरूरी नहीं। इसका स्वाद और बनावट कुछ लोगों को साधारण लग सकती है। लेकिन भक्तों के लिए इसका महत्व इसके स्वाद से कहीं ज्यादा है। जब किसी भोजन को श्रद्धा और प्रेम से भगवान को अर्पित किया जाता है, तो वही साधारण भोजन भी प्रसाद का रूप ले लेता है। कहा जाता है कि अगर कोई भक्त राधाष्टमी के समय वृंदावन जाए और उसे अरबी की सब्जी प्रसाद के रूप में मिल जाए, तो इसे राधा रानी की कृपा से जोड़कर देखा जाता है।
'मधुकरी' के रूप में मिल सकता है प्रसाद
वृंदावन की भक्ति परंपरा में मधुकरी का भी विशेष महत्व है। संत-महात्माओं और भक्तों से थोड़ा-थोड़ा प्रसाद प्राप्त करने की इस परंपरा को बेहद श्रद्धा से देखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि यदि किसी संत या साधु के माध्यम से अरबी की सब्जी मधुकरी के रूप में प्राप्त हो जाए, तो भक्त उसे राधा रानी का प्रसाद मानकर ग्रहण करते हैं। भक्तों की आस्था है कि इस तरह प्रेम और श्रद्धा से प्राप्त प्रसाद का अनुभव केवल स्वाद तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मन में एक अलग तरह की भक्ति और संतोष का भाव पैदा करता है।

सादी अरबी की सब्जी ऐसे बनाए
सामग्री: अरबी – 500 ग्राम
देसी घी या तेल – 1-2 चम्मच
जीरा – 1/2 चम्मच
सेंधा नमक – स्वादानुसार
काली मिर्च – 1/2 चम्मच
अदरक – थोड़ा सा, बारीक कटा हुआ (वैकल्पिक)
हरा धनिया – थोड़ा सा
नींबू का रस – थोड़ा सा (वैकल्पिक)

बनाने का तरीका
सबसे पहले अरबी को अच्छी तरह धोकर उबाल लें। ध्यान रखें कि वह बहुत ज्यादा न गले।
ठंडी होने के बाद अरबी का छिलका उतारकर उसे गोल या लंबे टुकड़ों में काट लें।
कड़ाही में देसी घी गर्म करके जीरा डालें।
अब अरबी डालकर हल्के हाथ से चलाएं और धीमी-मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक पकाएं।
इसमें सेंधा नमक और काली मिर्च डालें। अगर चाहें तो थोड़ा अदरक भी डाल सकते हैं।
अरबी को तब तक पकाएं जब तक वह हल्की कुरकुरी न हो जाए।
आखिर में हरा धनिया डालें। भोग के लिए बना रहे हैं तो प्याज-लहसुन और सामान्य नमक न डालें।