
नारी डेस्क : राधा अष्टमी का दिन राधारानी के भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन राधा जी की पूजा और उनके नामों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है। इस साल राधा अष्टमी 19 सितंबर 2026 को मनाई जा रही है। अगर आप मंत्रों का पाठ नहीं कर पाते हैं, तो इन्हें सुनकर भी राधारानी का स्मरण कर सकते हैं। आइए जानते हैं राधा जी के 12 नाम और उनसे जुड़े मंत्र।

राधा रानी के 12 नामों का जाप
धार्मिक मान्यता के अनुसार, राधा अष्टमी पर श्रद्धा के साथ राधारानी के नामों का जाप करना शुभ माना जाता है। आप सुबह स्नान आदि करने के बाद राधा-कृष्ण का स्मरण कर इन नामों का जाप कर सकते हैं।
ॐ राधायै नमः।
ॐ राशे नमः।
ॐ राशवासिन्यै नमः।
ॐ राशिकेश्वर्यै नमः।
ॐ कृष्णप्राणाधिकायै नमः।
ॐ कृष्णप्रियायै नमः।
ॐ कृष्णस्वरूपिण्यै नमः।
ॐ कृष्णवामांगसम्भूतायै नमः।
ॐ परमानन्दरूपिण्यै नमः।
ॐ कृष्णायै नमः।
ॐ वृन्दावन्यै नमः।
ॐ वृन्दायै नमः।
नहीं कर पाते पाठ तो सुन सकते हैं नाम
अगर किसी कारण से आप इन नामों का सही उच्चारण नहीं कर पाते हैं या पूरा पाठ करना मुश्किल लगता है, तो राधारानी का ध्यान करते हुए इन नामों का श्रवण भी कर सकते हैं। धार्मिक परंपराओं में भगवान के नाम का स्मरण और भक्ति भाव को विशेष महत्व दिया जाता है।

राधा अष्टमी पर कैसे करें जाप?
राधा अष्टमी के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थल पर राधा-कृष्ण की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद शांत मन से राधारानी का ध्यान करें और श्रद्धा के साथ उनके 12 नामों का जाप करें। आप अपनी सुविधा के अनुसार इन नामों का जाप एक निश्चित संख्या में कर सकते हैं। सबसे जरूरी बात भक्ति और श्रद्धा का भाव माना जाता है।
क्या है धार्मिक मान्यता?
मान्यता है कि राधा अष्टमी पर राधारानी का स्मरण और पूजा करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, पूजा करते हैं और राधा-कृष्ण के नाम का जाप करते हैं।