
नारी डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को उनके संसदीय क्षेत्र एवं धार्मिक नगरी काशी में बटुक ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का पूजन-अर्चन कर दुग्धाभिषेक किया तथा डमरू और शंखनाद के साथ प्रधानमंत्री के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। अहिल्याबाई घाट पर विप्र समाज के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा का पूजन किया गया।

इसके बाद श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम एवं श्री शास्त्रार्थ महाविद्यालय के 76 बटुक ब्राह्मणों ने आचार्य उदित नारायण मिश्र के नेतृत्व में 76 लीटर केसर युक्त जल एवं दूध से मां गंगा का अभिषेक किया। साथ ही नमामि गंगे की ओर से सामने घाट पर मां गंगा को 76 मीटर लंबी चुनरी चढ़ाई गई, कार्यकर्ताओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर पीएम की दीर्घायु की कामना की, कार्यक्रम के दौरान 'बार-बार ये दिन आए' गीत गूंजे और 'शांताकारं भुजगशयनम' सहित वैदिक मंत्रों का पाठ हुआ, गंगा आरती के बाद मिठाई वितरण किया गया और भारत माता की जय के जयकारे लगे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व राज्यमंत्री एवं शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि आज देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की भी जयंती है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आधुनिक भारत का शिल्पी कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का दूरदर्शी एवं राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला नेतृत्व ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास'की भावना पर आधारित है। कार्यक्रम संयोजक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता तथा विप्र समाज के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने काशी के विकास को नई दिशा दी है। काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण, घाटों का सौंदर्यीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास से काशी का स्वरूप बदला है।