नारी डेस्क: कभी-कभार सिरदर्द होना आम बात है, लेकिन अगर सिर में दर्द बार-बार होने लगे या बिना किसी साफ वजह के लगातार परेशान करे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हर सिरदर्द किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो, यह जरूरी नहीं है, लेकिन इसके पीछे आपकी लाइफस्टाइल, नींद, खान-पान, तनाव या शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव जैसी कई वजहें हो सकती हैं। अक्सर लोग सिरदर्द होते ही कोई पेनकिलर ले लेते हैं और थोड़ी देर में आराम भी मिल जाता है। लेकिन अगर दर्द बार-बार वापस आ रहा है, तो केवल दवा लेकर उसे दबाने के बजाय इसके ट्रिगर को समझना ज्यादा जरूरी है। आइए जानते हैं बार-बार सिरदर्द होने की कुछ आम वजहें।
हार्मोन्स में बदलाव भी हो सकता है कारण
खासकर महिलाओं में हार्मोनल बदलाव और सिरदर्द के बीच संबंध देखा जाता है। शरीर में Estrogen के स्तर में बदलाव कुछ महिलाओं में माइग्रेन या सिरदर्द को ट्रिगर कर सकता है। पीरियड्स के आसपास, गर्भावस्था के दौरान या मेनोपॉज के समय हार्मोन्स में बदलाव के कारण कुछ महिलाओं को सिरदर्द की समस्या ज्यादा परेशान कर सकती है। मेनोपॉज के आसपास अगर किसी महिला को पहली बार लगातार या बहुत तेज सिरदर्द होने लगे, तो इसे केवल उम्र का असर मानकर छोड़ने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

शरीर में पानी की कमी
दिनभर कम पानी पीना भी सिरदर्द की एक आम वजह हो सकता है। खासकर गर्मी, ज्यादा पसीना आने, एक्सरसाइज या बीमारी के दौरान शरीर में पानी की कमी होने पर सिरदर्द, कमजोरी और चक्कर जैसी शिकायतें हो सकती हैं। इसलिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। हालांकि, पानी की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, मौसम, गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से अलग हो सकती है।
नींद पूरी न होना
अगर आपकी नींद लगातार पूरी नहीं हो रही है, रात में बार-बार नींद टूटती है या सोने-जागने का समय रोज बदलता रहता है, तो इसका असर सिरदर्द पर भी पड़ सकता है। कम नींद के कारण अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और सिर में भारीपन महसूस हो सकता है। इसलिए सिर्फ घंटे गिनने के बजाय नियमित और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेना भी जरूरी है।
लंबे समय तक भूखे रहने से हो सकता है सिरदर्द
काम की व्यस्तता में कई लोग समय पर खाना नहीं खाते या लंबे समय तक कुछ खाए बिना रहते हैं। ऐसे में कुछ लोगों को सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। खासतौर पर जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या रहती है, उनके लिए खाना छोड़ना एक ट्रिगर बन सकता है। इसलिए लंबे समय तक भूखे रहने से बचें और दिनभर का खाना नियमित अंतराल पर लेने की कोशिश करें।
गर्दन और कंधों में तनाव
आजकल घंटों मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने बैठना आम हो गया है। लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठने से गर्दन, कंधों और जबड़े की मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है। इसके साथ अगर मानसिक तनाव भी हो, तो सिर में दबाव या दर्द महसूस हो सकता है। इसे अक्सर Tension Headache कहा जाता है। काम के बीच छोटे ब्रेक लेना, स्क्रीन की ऊंचाई सही रखना और गर्दन-कंधों को आराम देना इस तरह की परेशानी को कम करने में मदद कर सकता है।

सिरदर्द होने पर कब डॉक्टर से मिलें?
अगर सिरदर्द कभी-कभार होता है और आराम, पानी, नींद या सामान्य देखभाल से ठीक हो जाता है, तो आमतौर पर ज्यादा चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर दर्द लगातार बढ़ रहा है, बार-बार हो रहा है या आपकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित कर रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो, सिर पर चोट के बाद शुरू हुआ हो या इसके साथ कमजोरी, बोलने में परेशानी, बेहोशी, दौरा, भ्रम, लगातार उल्टी या देखने में परेशानी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत मेडिकल मदद लें।
ध्यान रखें: बार-बार सिरदर्द का कारण हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। इसलिए लगातार दर्द होने पर खुद से बार-बार पेनकिलर लेने के बजाय डॉक्टर से सही कारण की जांच कराना बेहतर है।