नारी डेस्क: भारत के इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जाएगा। केंद्र सरकार का आम बजट 2026 रविवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश होगा। अब तक बजट हमेशा कार्यदिवसों में ही पेश होता रहा है, इसलिए यह एक ऐतिहासिक मौका माना जा रहा है। बजट को परंपरा के अनुसार सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। वर्ष 2017 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट को फरवरी के अंत की बजाय 1 फरवरी को पेश करने की परंपरा शुरू की थी। तभी से हर साल बजट इसी तारीख को पेश किया जा रहा है।
निर्मला सीतारमण पेश करेंगी लगातार 9वां बजट
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। इसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। इसके साथ ही वह भारत के राजनीतिक इतिहास में एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी। लगातार इतने बजट पेश करने के मामले में वे अब तक की सबसे आगे रहने वाली वित्त मंत्रियों में शामिल हो गई हैं।
बजट का इतिहास और पुराने रिकॉर्ड
भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था। उस समय देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. षणमुखम चेट्टी ने संसद में बजट रखा था। तब से बजट देश की अर्थव्यवस्था और राजनीति का सबसे अहम दस्तावेज़ बन गया है। अब तक सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम है, जिन्होंने कुल 10 बार बजट पेश किया। इसके बाद पी. चिदंबरम ने 9 बार और प्रणब मुखर्जी ने 8 बार बजट पेश किया।
बजट भाषण से जुड़े रोचक तथ्य
सबसे लंबा बजट भाषण: 1 फरवरी 2020 को निर्मला सीतारमण ने 2 घंटे 40 मिनट का भाषण दिया, जो अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण है।
सबसे छोटा बजट: 1977 में हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल ने सिर्फ 800 शब्दों का अंतरिम बजट पेश किया था। पहले बजट शाम 5 बजे पेश होता था। वर्ष 1999 में वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसे सुबह 11 बजे पेश करने की शुरुआत की।
कागज़ रहित बजट और बदली परंपराएं
यह बजट भी पूरी तरह पेपरलेस होगा। 2019 में निर्मला सीतारमण ने चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटी बही-खाता शैली अपनाकर भारतीय परंपरा को फिर से ज़िंदा किया था।
बजट सत्र और प्रक्रिया
माना जा रहा है कि बजट सत्र 2026 दो चरणों में होगा। पहला चरण जनवरी के आख़िरी दिनों में शुरू होगा। बजट वाले दिन की प्रक्रिया इस तरह होगी
सुबह 10:15 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल बजट को मंज़ूरी देगा इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बजट की जानकारी दी जाएगी फिर वित्त मंत्री संसद में बजट पेश करेंगी
आम जनता की उम्मीदें
देशभर की निगाहें इस बजट पर टिकी हैं। मध्यम वर्ग महंगाई से राहत चाहता है। व्यापारी और उद्योग जगत टैक्स में छूट की उम्मीद कर रहे हैं। युवा, किसान, महिलाएं, गरीब और नौकरीपेशा वर्ग के लिए नई योजनाओं की संभावना है। आर्थिक समीक्षा के अनुसार भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर तस्वीर सकारात्मक है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है।
सरकार का सपना “विकसित भारत 2047” इस बजट का मुख्य केंद्र हो सकता है। अब देखना यह होगा कि यह बजट सिर्फ़ राजनीतिक बयान बनकर रह जाता है या वाकई आम लोगों की ज़िंदगी में राहत लेकर आता है।