नारी डेस्क: महिलाओं में आयरन की कमी और एनीमिया एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। खासतौर पर पीरियड्स के दौरान ज्यादा रक्तस्राव, गर्भावस्था, स्तनपान और पोषण की कमी के कारण शरीर में आयरन का स्तर कम हो सकता है। इसकी वजह से हीमोग्लोबिन कम होने लगता है और शरीर में कमजोरी, थकान, चक्कर आना, सांस फूलना जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। ऐसे में सही खानपान और जीवनशैली में बदलाव करके इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आयरन से भरपूर चीजों के साथ कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी डाइट में शामिल करने चाहिए, जो शरीर में आयरन के अवशोषण को बेहतर बना सकें। इन्हीं में से एक है अमरूद।
अमरूद आयरन की कमी में कैसे कर सकता है मदद
अमरूद आयरन का बहुत बड़ा स्रोत नहीं है, लेकिन इसमें मौजूद विटामिन C शरीर में आयरन को बेहतर तरीके से吸ोषित करने में मदद करता है। दरअसल, पौधों से मिलने वाला आयरन यानी नॉन-हीम आयरन शरीर में आसानी से अवशोषित नहीं होता। यह आयरन दालों, हरी पत्तेदार सब्जियों, बीन्स और टोफू जैसी चीजों में पाया जाता है। अमरूद में मौजूद विटामिन C इस आयरन को ऐसे रूप में बदलने में मदद करता है, जिसे शरीर आसानी से इस्तेमाल कर सके।

आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया क्या होता है
आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया (Iron Deficiency Anemia) वह स्थिति है, जब शरीर में आयरन की कमी के कारण पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) में मौजूद एक प्रोटीन होता है, जो शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब इसकी मात्रा कम हो जाती है, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और कई तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
महिलाओं में एनीमिया के प्रमुख कारण
महिलाओं में आयरन की कमी होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे
ज्यादा ब्लीडिंग वाले पीरियड्स
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में बढ़ी पोषण की जरूरत
स्तनपान के समय पोषक तत्वों की कमी
आयरन युक्त भोजन का कम सेवन
शरीर में आयरन का सही तरीके से अवशोषित न होना
बार-बार रक्तस्राव होना
इसकी वजह से कमजोरी, त्वचा का पीला पड़ना, सिरदर्द, बाल झड़ना, चक्कर आना और जल्दी थकान महसूस होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

अमरूद का सेवन कैसे करें ज्यादा फायदेमंद
डायटिशियन के मुताबिक, अगर आप दाल, हरी सब्जियां या अन्य आयरन युक्त शाकाहारी भोजन कर रहे हैं, तो उसके साथ अमरूद खाना फायदेमंद हो सकता है। इससे शरीर को विटामिन C मिलता है, जो खाने में मौजूद आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है। हालांकि, सिर्फ अमरूद का जूस पीने के बजाय पूरा अमरूद खाना ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा भी अच्छी होती है।
पाचन और शरीर के लिए भी फायदेमंद है अमरूद
अमरूद सिर्फ आयरन के अवशोषण में ही मदद नहीं करता, बल्कि इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर रखने में सहायक होता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करा सकता है और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में भी मदद कर सकता है। इसके अलावा अमरूद में एंटीऑक्सीडेंट्स और पोटैशियम भी पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं।
क्या सिर्फ अमरूद खाने से पूरी हो जाएगी आयरन की कमी
अगर किसी महिला में आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया की पुष्टि हो चुकी है, तो केवल अमरूद या उसका जूस पीने से समस्या पूरी तरह दूर नहीं होगी। ऐसी स्थिति में डॉक्टर द्वारा बताई गई आयरन सप्लीमेंट्स, सही डाइट और जरूरी उपचार लेना जरूरी होता है। अमरूद को सप्लीमेंट्स और आयरन युक्त भोजन के साथ शामिल करने से शरीर को आयरन को बेहतर तरीके से ग्रहण करने में मदद मिल सकती है।
आयरन लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
आयरन युक्त भोजन या आयरन सप्लीमेंट लेने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से बचना चाहिए। चाय और कॉफी में मौजूद कुछ तत्व शरीर में आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं। इसलिए आयरन वाली चीजों या सप्लीमेंट्स के सेवन के बाद कम से कम एक से दो घंटे का अंतर रखना बेहतर माना जाता है।

कमजोरी और कम हीमोग्लोबिन को नजरअंदाज न करें
अमरूद शरीर में आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है, लेकिन यह आयरन की कमी का सीधा इलाज नहीं है। अगर बार-बार थकान, चक्कर आना, सांस फूलना या हीमोग्लोबिन कम होने जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए। सही डाइट, नियमित जांच और विशेषज्ञ की सलाह से एनीमिया जैसी समस्या को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।