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खुलने वाली है CBSE की री-इवैल्यूएशन विंडो,  इस तरह अपनी आंसर शीट देख सकते हैं Students

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 29 May, 2026 10:18 AM
खुलने वाली है CBSE की री-इवैल्यूएशन विंडो,  इस तरह अपनी आंसर शीट देख सकते हैं Students

नारी डेस्क:  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली स्थित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के मुख्यालय में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य कक्षा 12 की परीक्षाओं के मूल्यांकन और परिणाम के बाद की प्रक्रियाओं से संबंधित मुद्दों की समीक्षा करना था।  इसी बीच ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ियों और पोर्टल क्रैश के कारण 4 लाख से अधिक छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया है।  शिक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे छात्रों को पेश आ रही समस्याओं को समयबद्ध, पारदर्शी और सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करें।


नाराज हुए लाखों छात्र 

सीबीएसई ने इस साल कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक नया और विवादित ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पेश किया था। इसके तहत परीक्षकों को पारंपरिक कागज की कॉपियों के बजाय उनके स्कैन किए गए डिजिटल रूप को स्क्रीन पर जांचना था, लेकिन नतीजों ने लाखों छात्रों का दिल तोड़ दिया। इसमें कई छात्रों को उम्मीद से बेहद कम नंबर मिले. कॉपियों में कई जगह आंसर बिना चेक किए छोड़ दिए गए। इतनी शिकायतें मिलने के बाद बोर्ड ने यह भी ऐलान किया है कि अगर समीक्षा के बाद छात्र के नंबर बढ़ते हैं, तो री-इवैल्यूएशन की फीस वापस (री-फंड) कर दी जाएगी। 


 छात्रों और अभिभावकों को दिया गया आश्वासन

बयान में आगे कहा गया है कि उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही, उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी वास्तविक चिंताओं का प्रभावी और त्वरित तरीके से समाधान किया जाएगा। मंत्री प्रधान ने परिणाम के बाद की सेवाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।  अधिकारियों ने प्रधान को जानकारी दी कि इस वर्ष कक्षा 12 की परीक्षाओं में लगभग 18 लाख छात्र शामिल हुए थे। इन परीक्षाओं में लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन किए गए पृष्ठ शामिल थे। 


CBSE पर उठ रहे हैं सवाल

अब तक, लगभग चार लाख छात्रों ने पोर्टल के माध्यम से लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को एक्सेस किया है। हाल ही में, NEET और अन्य परीक्षाओं के लिए CBSE द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर एक राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। इसमें अंकों और मूल्यांकन की पारदर्शिता में कथित विसंगतियां सामने आई हैं, जिससे मौजूदा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) के क्षेत्रीय कार्यालयों ने इस हफ़्ते स्कूल प्रिंसिपलों को एक सोशल मीडिया टूलकिट भेजा। इसमें उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे सोशल मीडिया पर बोर्ड की विवादित 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली का बचाव करें।  इसके बाद सैकड़ों स्कूलों जिनमें सरकारी 'केंद्रीय विद्यालय' और 'जवाहर नवोदय विद्यालय' भी शामिल हैं ने ऐसे वीडियो पोस्ट किए, जिनमें उन्हीं बातों को दोहराया गया था।


री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू

सीबीएसई बोर्ड ने 2026 परीक्षा के लिए कॉपी वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जो छात्र अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं, वे अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।इसके तहत छात्र स्कैन की गई आंसर शीट देख सकते हैं, नंबरों का वेरिफिकेशन करा सकते हैं और री-इवैल्यूएशन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। स्कैन की गई आंसर शीट के लिए आवेदन 19 मई 2026 से शुरू होकर 22 मई 2026 तक चलेगा। वहीं, मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन विंडो 26 मई से 29 मई 2026 तक खुली रहेगी।स्टूडेंट पर तय समय सीमा के अंदर अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए छात्रों को मार्किंग पोर्टल https://pvr.cbseit.in/ पर जाना होगा। 
 

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