
नारी डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को तीन मंजिल की एक व्यावसायिक इमारत में लगी आग में झुलसकर कम से कम 15 छात्रों की मौत हो गयी तथा सात अन्य जख्मी हो गये। आग लगते ही पूरे इलाके में भीषण अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। कुछ छात्रों ने कूद कर अपनी जान बचाई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खुद मौके पर मौजूद थे और बच्चों के शव देखकर वह टूट गए और उनकी आंखें भर आईं।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जनसंपर्क अधिकारी के.के. सिंह ने को बताया कि इस घटना में बचाव दल द्वारा कुल 22 लोगों को केजीएमयू लाया गया जिनमें से 15 को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि उन्होंने 14 शव बाहर निकाले जाते देखा था। बचाव अभियान के दौरान आग में फंसे लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया। कुछ लोगों को बॉडी बैग में लाया गया, जबकि कुछ को कंबल में लपेटा गया था और एम्बुलेंस में ले जाते समय वे अचेत थे। इन लोगों के शवों या घायलों को बगल की इमारत की छत से बाहर निकाला गया। बचाव टीमों ने आग लगने के दौरान प्रभावित इमारत तक पहुंचने के लिए उसमें दो बड़े छेद किए थे।

पुरनिया बाजार से चंद कदमों की दूरी पर स्थित यह इमारत अलीगंज के पॉश रिहायशी इलाके में है, जहां कोचिंग सेंटर और कैफे जैसी जगहें हैं। आग लगने के समय इमारत के अंदर मौजूद रहे युवकों और युवतियों के रिश्तेदार बताये जा रहे कुछ लोग घटनास्थल के पास खड़े होकर रोते-बिलखते और अधिकारियों से इमारत के अंदर जाने की गुहार लगाते नजर आये। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना की सूचना मिलने के बाद अपना अलीगढ़ का दौरा बीच में ही छोड़कर लखनऊ लौट आये।