
नारी डेस्क: मुंबई के KEM हॉस्पिटल ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो के दौरान 'पुरुषों की लाशों' पर की गई टिप्पणी को लेकर सेजल पवार के खिलाफ जांच शुरू की है और उन्हें 15 दिन की अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया है। पवार KEM हॉस्पिटल में मेडिकल की छात्रा हैं। बताया जा रहा है कि ज़बरदस्ती छुट्टी पर भेजने का फैसला फ़िलहाल के लिए है और एक हफ़्ते के अंदर अंतिम फ़ैसला लेने के लिए पांच सदस्यों की एक बड़ी कमिटी बनाई गई है।
एमबीबीएस के फ़ाइनल ईयर की छात्रा है पवार
इससे पहले, शुक्रवार को परेल के सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज और केईएम हॉस्पिटल की एक जांच कमिटी ने पाया कि एमबीबीएस के फ़ाइनल ईयर की छात्रा पवार की कुछ बातें "आपत्तिजनक और असंवेदनशील" थीं। शुक्रवार को जारी एक बयान में संस्थान ने कहा कि ये टिप्पणियां एक मेडिकल स्टूडेंट से उम्मीद की जाने वाली गरिमा, सहानुभूति और पेशेवर ज़िम्मेदारी के अनुरूप नहीं थीं। मैनेजमेंट ने पवार के माता-पिता/अभिभावकों से कहा कि वे शनिवार को संस्थान में आकर उसकी काउंसलिंग में शामिल हों।
शव का अपमान करने की ये है सजा
भारतीय कानून मृत व्यक्तियों की गरिमा को संरक्षित करने की आवश्यकता को मानता है। सार्वजनिक रूप से किसी शव का अपमान करने या फिर उसके बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अगर लागू प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया जाता है तो सजा में 1 से 3 साल तक की कैद, आर्थिक जुर्माना या फिर दोनों शामिल हो सकते हैं।
पवार, जांगड़ा और मोरे के खिलाफ मामला दर्ज
जिस शो की बात हो रही है, उसे लगभग तीन महीने पहले रिकॉर्ड किया गया था। ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो क्लिप में पवार एनाटॉमी ट्रेनिंग के किस्से सुनाते और पुरुषों की डेड बॉडी के बारे में बात करते हुए दिख रही हैं, जबकि दर्शकों में शामिल हिमांशु जांगरा ने दावा किया कि डेट पर खर्च करने से पुरुषों को शारीरिक नज़दीकी का हक मिल जाता है। महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने इन टिप्पणियों को लेकर पवार, जांगड़ा और मोरे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मोरे और जांगड़ा को समन भेजा है क्योंकि उन्होंने महिला के साथ बिना सहमति के किए गए व्यवहार और यौन उत्पीड़न को सही ठहराया और उसकी तारीफ़ की।