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भगवान के घर में भी चोरी! राम मंदिर में चंदा गिनने वाले ही निकले चाेर, राम लला के गहनों को भी नहीं छोड़ा

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 26 Jun, 2026 12:15 PM
भगवान के घर में भी चोरी! राम मंदिर में चंदा गिनने वाले ही निकले चाेर, राम लला के गहनों को भी नहीं छोड़ा

नारी डेस्क: अयोध्या में राम मंदिर के लिए चंदे में कथित अनियमितताओं के मामले में शुक्रवार को सभी आठ आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में केस दर्ज किया था। यह मामला श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जो मंदिर का प्रबंधन करता है। इस मामले में दर्ज FIR में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के सहयोगी रामाशंकर यादव (उर्फ टिन्नू) और सात अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।


इन लोगों को किया गया गिरफ्तार

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता दान की रकम के प्रबंधन और आवाजाही में यादव की कथित भूमिका की जांच कर रहे हैं; यादव भी गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं।  "गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, रामाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। श्रीवास्तव बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी हैं और दान की गिनती के प्रभारी थे।" यह FIR एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपने और उसमें आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश करने के कुछ दिनों बाद दर्ज की गई थी। विपक्षी समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण पांडे ने सबसे पहले अनियमितताओं के आरोप लगाए थे।


आपसे में जुड़े हुए थे सभी आरोपी

ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय का ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव प्रमुख आरोपियों में शामिल है। टिन्नू चंपत राय का करीबी माना जाता है। उसका गणना प्रक्रिया की देखरेख और मंदिर की हर व्यवस्था में हस्तक्षेप था। गणना कक्ष और दान पात्रों की चाबी इसी के पास ही रहती थी। चढ़ावा चोरी में यह अहम किरदार है। दान की चोरी में सुभाष श्रीवास्तव की अहम भूमिका थी। सुभाष श्रीवास्तव ने ही चोरी के खेल में अन्य लोगों को जोड़ा था। मनीष यादव आरोपी टिन्नू यादव का भतीजा है। वह गणना प्रक्रिया में शामिल होता था। उसके पास से भी चोरी की धनराशि बरामद की गई है। अविनाश शुक्ल भी चढ़ावे की गणना में ड्यूटी करता था। बताया जाता है कि उसके बैंक खाते से पांच लाख रुपये बरामद किए गए हैं।


 इस तरह शुरु हुई जांच

SIT द्वारा आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए जाने के बाद, अयोध्या के स्थानीय पुजारियों ने ANI से बात करते हुए सामूहिक रूप से मांग की कि अधिकारी उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएं जो करोड़ों लोगों की आस्था के साथ विश्वासघात के दोषी पाए जाएं। यह कार्रवाई अयोध्या से पूर्व SP विधायक पवन पांडे के आरोपों के बाद हुई, जिन्होंने दावा किया था कि राम मंदिर से 7 करोड़ रुपये से 7.5 करोड़ रुपये के दान का गबन किया गया था। इन दावों के जवाब में, राज्य सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर 14 जून को कथित घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर कर कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई है। याचिका में FIR दर्ज करने और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज और प्रशासन से जुड़े गायब फंड, वित्तीय अनियमितताओं और अन्य कथित गैर-कानूनी कामों की जांच के लिए CBI के नेतृत्व वाली SIT बनाने की मांग की गई है।

भगवान के जेवर भी चुरा लिए

दरअसल यह मामला तब उठा जब एक दान पेटी में 500 की गड्डी में कमी देखी गई. इसके बाद शक गहराया तो नोट गिनने वाले कमरे ने कुछ हिडन कैमरे लगवाए गए. इस हिडन कैमरे की एक हफ्ते की फुटेज देखी गई तो पता चला नोट गिनने की प्रक्रिया में लगे कर्मचारी सामने दिख रहे सीसीटीवी कैमेरे के आगे खड़े हो जाते थे और  दूसरे साथी नोटों की गड्डी में नोट चोरी कर कपड़ों में छुपा लेते हैं, लेकिन हिडन कैमरे में उनकी यह चोरी पकड़ी गई। इतन ही नहीं इन लोगों ने तो बाली, झुमकी, नथ, बाल रूप राम लाल के कंगन, पैजनिया जैसे जेवरात भी चोरी कर लिए थे। 
 

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